Kadhi Recipe: छाछ की कढ़ी बनाकर बढ़ाएं ज़ायका

रेसिपी/ फ़ूड : आपने कढ़ी-चावल तो अकसर खाएं होगें पर क्या कभी आपने छाछ की कढ़ी बनाई है? अगर नहीं, तो एक बार इस छाछ की कढ़ी को बनाकर ज़ायका बढ़ाएं।

Prabha Joshi
31 Jan 2023
Kadhi Recipe: छाछ की कढ़ी बनाकर बढ़ाएं ज़ायका

छाछ की कढ़ी का खाने में अलग ही ज़ायका होता है

Kadhi Recipe: कढ़ी-चावल खाना किसे नहीं पसंद? कढ़ी हर कोई बेहद पसंद करता है। कढ़ी को बनाने में टमाटर, दही, इमली, नींबू और आम जैसी खट्ठी चीज़ों का प्रयोग किया जाता है। पर क्या कभी आपने छाछ की कढ़ी बनाई है? आज हम आपको बता रहे हैं छाछ की कढ़ी बनाने की विधि :-

  1. सबसे पहले बेसन के पकौड़े बना कर एक तरफ़ रख दें। वैसे आप बिना पकौड़ों के भी कढ़ी बना सकते हैं, ये आपके स्वाद और मूड पर निर्भर करता है। अब आप छाछ की कढ़ी को बनाने के लिए सबसे पहले बेसन लेकर एक बर्तन में रख दें। बेसन को भिगोने की आपको ज़रूरत नहीं। अब कढ़ाई चढ़ाएं तो इसमें तेल गरम करने के लिए छोड़ दें। जब तेल गरम हो जाए उसमें हींग, मिर्च, जीरा डाल दें। ध्यान रखें मसाले जले न। मसाले जलने पर याद रखें पूरी कढ़ी का स्वाद ख़राब हो जाएगा। सरसों या राई का प्रयोग करते हैं तो सरसों या राई डाल सकते हैं। आप मेथी के बीज भी डाल सकते हैं। उससे स्वाद बढ़ जाता है। अब इसमें बेसन डाल दें और भूने। बेसन को अभी भी सूखा रखें। 
  2. सूखें बेसन को कढ़ाई में डालने के बाद आप हल्दी और धनिया भी डाल दें। बेसन को सूखा ही भूनते रहें। जब बेसन का रंग बदलकर हल्का भूरा हो जाए तब आप इसमें छाछ मिला दें और चलाते रहें। ध्यान रखें, बेसन में डले न पड़ें। इस तरह छाछ वाले बेसन को चलाते रहें। तब तक चलाएं जब तक धप-धप की आवाज़ के साथ बुलबुलें न फूटने लग जाएं। अब इसमें नमक मिला दें। जैसे ही कढ़ी के ऊपर बुलबुले बनने शुरू हो जाएं तो समझ लें कढ़ी पक गई है। इसमें पकौड़े मिला कर अच्छे से चला लें। इस तरह चलाएं कि पकौड़े पूरी तरह डूब जाएं। आप देखेंगे कि पकी हुई कढ़ी का रंग भी बदल गया है। अब आप इसे एक बर्तन में निकाल दें और चावल के साथ परिवार को सर्व करें।

आपकी छाछ वाली कढ़ी तैयार है। अगर आप ज़्यादा खट्टी कढ़ी पसंद करती हैं तो आप छाछ उस ही हिसाब से डाल सकती हैं। इसके साथ ही पतली या गाढ़ी जैसी भी कढ़ी आपको पसंद हो, छाछ को भी आप उस ही हिसाब से डालें। इस पूरी प्रक्रिया में पानी का प्रयोग न करें। पानी के प्रयोग से कढ़ी के स्वाद में परिवर्तन आ सकता है। 

कढ़ी न केवल खाने का ज़ायका बढ़ाती है बल्कि इसको खाने से आपका पेट भी ठीक रहता है। अकसर व्रत के दूसरे दिन महिलाएं कढ़ी बनाने की सोचती हैं। इससे न केवल मुंह का स्वाद बदल जाता है बल्कि कमज़ोरी भी नहीं होती। कढ़ी बेसन की होती है जो शरीर को बहुत ताक़त देता है। इसके साथ ही गरमा-गरम कढ़ी ज़ुकाम में लेने से खांसी-ज़ुकाम में राहत मिलती है। सर्दी का असर कम होता है।

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