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क्या आप भी COVID वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं? जानें वैक्सीन लगवाने के जरूरी कारण डॉ सुरुचि देसाई और डॉ युवराज सिंह जडेजा से

Published by
Hetal Jain

हमारे देश में कोरोना के केसेस बढ़ते ही जा रहे हैं। ऑक्सीजन के सिलेंडर, अस्पतालों में बिस्तर, वेंटिलेटर, दवाइयां आदि का भारी मात्रा में अभाव है। अगर इसी तरह चलता रहा, तो हमारे देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जल्द ही कोलेप्स हो जाएगा और सरकार भी फिर हमारी कोई मदद नहीं कर पाएगी।

हम सभी जानते हैं कि देश में कोरोना की स्थिति किस हद तक खराब है परंतु फिर भी कुछ ऐसे पढ़े-लिखे लोग हैं, जो अभी भी वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं हैं। यदि आपको वैक्सीन को लेकर अब भी कोई संदेह है, तो आइए जानें कि डॉ सुरुचि देसाई और डॉ युवराज सिंह जडेजा का इस बारे में क्या कहना है।

कारण 1 – कोरोना वायरस अब Air-borne या हवा में भी है

अगर आप यह कहते है कि आप घर पर ही थे,कहीं नहीं गए, स्टीम ले रहे हैं,हेल्दी खाना खा रहे हैं, तब भी आपको कोरोना हो सकता है। कोरोना अभी दुनिया भर में रहने वाला है और यह समय के साथ बदलता रहेगा। यह कहीं नहीं जाने वाला। तो आप कभी ना कभी तो घर से बाहर निकलेंगे ही।

भले ही आप घर पर हैं, फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, ऑफिस जा रहे हैं, अगर आपकी एज-ग्रुप अलाउड कर रही है, तो आपको वैक्सिंग लेना जरूरी है। हम जानते हैं कि काफी लोग एसिंप्टोमेटिक होते हैं। इसका मतलब है कि उनकी बॉडी में वायरस है और उनकी बॉडी उस वायरस से लड़ रही है, इसलिए उन्हें इंफेक्शन नहीं हो रहा है। फिर इन्हीं लोगों के बिना मास्क में घूमने से दूसरे लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। यह बीमारी आगे फैले ना इसलिए वैक्सीन लेना जरूरी है।

कारण 2 – वैक्सीन से जान को खतरा कम वैक्सीन लगवाने के जरूरी कारण

कई लोगों को कहना है की वैक्सीन लेने के बाद भी लोग पॉजिटिव आ रहे हैं, तो वैक्सीन लेने का मतलब ही क्या। तो उन लोगों को यह समझने की जरूरत है कि वैक्सीन आपको कोरोना से नहीं बचाएगा, लेकिन वह कोरोना के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। इससे कोरोना से जान जाने का खतरा कम हो जाता है।

उदाहरण के रूप में, हम देखते हैं कि बच्चों को चिकन पॉक्स का वैक्सीन दिया जाता है परंतु फिर भी उनमें से कुछ को चिकन पॉक्स हो जाता है। वह 7 दिन के अंदर ठीक हो जाता है। लेकिन जिन बच्चों ने चिकन पॉक्स की वैक्सीन नहीं लगा रखी है, उनको 21 दिन तक सीवियर चिकन पॉक्स और साइड इफेक्ट होते हैं।

कारण 3 – वैक्सीन लगवाने के लिए हॉस्पिटल जाते समय रखें दोगुनी सावधानी

कई लोगों का मानना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों की स्थिति और ज्यादा खराब हो रही है। तो आपको यह बता दें कि यह बात गलत है,अफवाह है। इस पर बिल्कुल भरोसा नहीं करें। इसका कोई साइंटिफिक प्रूफ या एविडेंस नहीं है।

यदि आप वैक्सीन लगवाने के लिए हॉस्पिटल जा रहे हैं तो आप दोगुनी सावधानी रखिए। मास्क लगाइए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और आपकी टर्न आने पर ही जाएं।

कारण 4 – COVID वैक्सीन से इनफर्टिलिटी नहीं होती वैक्सीन लगवाने के जरूरी कारण

इसके पीछे कोई मेडिकल या साइंटिफिक डेटा नहीं है कि COVID वैक्सीन लगवाने से आगे चलकर प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत आएगी। इनफर्टिलिटी और वैक्सीन का एक-दूसरे से कोई लेना देना नहीं है। तो ना खुद वैक्सीन लेने से रुके और ना ही अपने पार्टनर को रोके।

कारण 5 – वैक्सीन आपको कोरोना पॉजिटिव नहीं करती

यह जानना भी जरूरी है की वैक्सीन आपको कोरोना पॉजिटिव नहीं करता। वैक्सिंग के अंदर कोरोना की एंटीबॉडी नहीं है। एंटीबॉडीज आपकी बॉडी बना बनाता है। जब आपका शरीर किसी बैक्टीरिया या वायरस के संपर्क में आता है तो आपकी बॉडी का सोल्जर सिस्टम एक्टिवेट होता है और एंटीबॉडीज बनाता है।

यह भी जाने कि वैक्सिंग के अंदर जो वायरस है, वह डैड है और वह सिर्फ आपको इम्यूनिटी दे रहा है। उससे आपको कोई एक्टिव इंफेक्शन नहीं मिलता। वैक्सीन लगवाने के जरूरी कारण

कारण 6 – COVID वैक्सीन से पीरियड्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता

वैक्सीन और पीरियड्स का आपस में कोई लेना देना नहीं है। अभी तक जितनी भी वैक्सीन हैं, किसी को भी पीरियड्स में लेने से कोई रोक नहीं है।

यदि आपको कहीं लग जाए या कोई कुत्ता काट ले, तो कोई आपको यह नहीं कहता कि आप टिटनेस या रेबीज का इंजेक्शन न लगाएं क्योंकि आप पीरियड्स में हैं। यही सेम चीज कोरोना के साथ भी है। वैक्सीन लगवाने से आपकी इम्यूनिटी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है और नाही वह कम होती है।

कारण 7 – जो वैक्सीन उपलब्ध है वह लगाएं

यदि आप कंफ्यूज हैं कि कौन-सी वैक्सीन ले – Covaxin ले या Covishield? डॉक्टरों का यही कहना है कि जो वैक्सीन उपलब्ध है, वह लें। वैक्सीन लेना इंपॉर्टेंट है, कौन-सी ले रहे हैं, यह ज्यादा जरूरी नहीं है। वैक्सीन लेने से कोई अनजानी या अनचाही कॉम्प्लिकेशंस नहीं हो रही है।

 

** उपर्युक्त जानकारी डॉ सुरुचि देसाई और डॉ युवराज सिंह जडेजा द्वारा दी गई है। यदि आपको अभी भी कोई डाउट है, तो अपने डोवटर से सलाह लें।

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