सीनियर कांग्रेस नेता करुणा शुक्ला का सोमवार देर रात को निधन हो गया। उनका रायपुर के अस्पताल में COVID-19 का ट्रीटमेंट चल रहा था।करुणा शुक्ला COVID -19 से निधन

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती थी और सोमवार देर रात को स्थिति ज्यादा बिगड़ने से उनका निधन हो गया। वे 70 वर्ष की थी।

करुणा शुक्ला दो बार लोकसभा के सदस्य रह चुकी है। उन्होंने 32 वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया और अक्टूबर 2013 में असेंबली इलेक्शन से पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया। उन्होंने अपना आखिरी चुनाव कांग्रेस पार्टी के टिकट से, राजनांदगांव कांस्टीट्यूएंसी से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ 2018 के छत्तीसगढ़ असेंबली पोल्स में लड़ा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताते हुए ट्वीट करके लिखा, “मेरी करुणा चाची यानी करुणा शुक्ला जी नहीं रहीं। निष्ठुर कोरोना ने उन्हें भी ले लिया। राजनीति से इतर उनसे बहुत आत्मीय पारिवारिक रिश्ते रहे. उनका सतत आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और हम सबको उनका विछोह सहने की शक्ति प्रदान करें”।

करुणा शुक्ला कौन थीं ?करुणा शुक्ला COVID -19 से निधन

पूर्व सांसद करुणा शुक्ला साल 1983 में पहली बार बीजेपी से विधायक बनी थी। उन्होंने 1982 से 2013 तक बीजेपी रहने के बाद 2013 में कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। वे बीजेपी में भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित तमाम बड़े पदों पर रही जैसे वे बीजेपी महिला मोर्चा की भी अध्यक्ष रहे चुकी हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व सांसद करुणा शुक्ला का अंतिम संस्कार मंगलवार को बलौदाबाजार में होगा।

छत्तीसगढ़ में COVID-19 केसेस

छत्तीसगढ़ में फिलहाल लॉकडाउन चल रहा है परंतु फिर भी छत्तीसगढ़ उन 8 राज्यों में से आता है, जहां पर कोविड-19 के केसेस एक लाख से ऊपर हैं। वहां पर पिछले 24 घंटों में 15,084 नए केस आए और 215 मौतें भी हो चुकी हैं।

राज्य के डेटा के अनुसार, 88% हेल्थ वर्कर्स और 92% फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन का पहला डोज दिया जा चुका है।

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