NDTV की पूर्व टीवी एंकर निधि राजदान ने दिल्ली पुलिस को कंप्लेन की है जिसमें दावा किया गया है कि वो एक फ़िशिंग स्कैम का शिकार हुई हैं। उन्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एक असिसटेंट प्रोफेसर के फ़ेक पोस्ट का ऑफर दिया गया था।

कुछ दिन पहले ही निधि ने इस स्कैम की जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट से सबके साथ साझा की थी जिसमें उन्होंने बताया था कि वो एक फ़िशिंग अटैक का शिकार हुई हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि इस अटैक के अपराधियों ने उनके निजी डेटा और कम्युनिकेशन तक पहुंच पाने के लिए फॉर्जेरीज़ और मिसरिप्रेसेंटेशन का इस्तेमाल किया और उन्होंने निधि के डिवाइसेस और ईमेल / सोशल मीडिया अकाउंट्स तक भी पहुंच पायी।

पुलिस ने क्या कहा?

डेप्युटी कमिशनर ऑफ़ पुलिस (DCP, दक्षिण) अतुल ठाकुर ने कहा कि हमने ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन में निधि की रिपोर्ट प्राप्त की है और साइबर क्राइम यूनिट को आगे की जांच के लिए भेज दिया है।

निधि ने अपने मुकदमे में दावा किया कि उनके साथ जालसाजी, धोखाधड़ी, पहचान धोखाधड़ी और प्रतिरूपण (impersonation) जैसे संज्ञेय अपराधों का दावा किया गया है।

राजदान ने क्या दावा किया है?

उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने लॉसूट में सस्पेक्टेड स्कैम से रिलेटेड अन्य डॉक्यूमेंट के साथ, उन्हें भेजे गए ईमेल की एक सीरीज़ भी एम्बेड की है।

उनके वकील, श्री सिंह ने कहा कि दिसंबर 2019 में, निधि राजदान को एक सूचना मिली जिसमें हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पत्रकारिता पढ़ाने के लिए एक फ़ेक ऑफर था। उसने बाद में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के लिए NDTV की एग्ज़िक्यूटिव एडिटर के रूप से पिछले जून को इस्तीफा दे दिया था।

हार्वर्ड का छल

पिछले सप्ताह में, निधि को पता चला था कि एक साल के टाइम पीरियड पर भेजे गए ईमेल और फर्जी डॉक्यूमेंट की एक सीरीज़ एक जालसाज़ योजना थी, ताकि निधि को अवैध रूप से नुकसान पहुंचाया जा सके, सिंह ने कहा।

प्रॉसीक्यूटर के अनुसार, निधि ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय को इस घटना के खिलाफ केस करने के लिए FBI और अन्य संबंधित ऑथोरिटीज़ के साथ मामला दर्ज करने के लिए कहा है।

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