ऑल-फीमेल स्पेस ट्रिप पर हुई आलोचना को लेकर एस्ट्रोनॉट अमांडा गुयेन ने तोड़ी चुप्पी

बायोएस्ट्रोनॉटिक्स शोध वैज्ञानिक और सिविल राइट्स एक्टिविस्ट अमांडा गुयेन ने खुलासा किया कि 2025 में हुई उनकी ऑल-फीमेल ब्लू ओरिजिन स्पेस फ्लाइट को लेकर सोशल मीडिया पर मिली भारी नकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें भावनात्मक रूप से गहराई तक प्रभावित किया।

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Rajveer Kaur
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All Female Space Trip

Photograph: (Blue Origin, via BBC)

अमांडा गुयेन, जो एक बायोएस्ट्रोनॉटिक्स शोध वैज्ञानिक और सिविल राइट्स एक्टिविस्ट हैं, ने अप्रैल 2025 में हुई अपनी ब्लू ओरिजिन स्पेस फ्लाइट को लेकर हुए भारी ऑनलाइन विरोध पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और नफरत भरे कमेंट्स का उनकी मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ा और वे डिप्रेशन में चली गईं।

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ऑल-फीमेल स्पेस ट्रिप पर हुई आलोचना को लेकर एस्ट्रोनॉट अमांडा गुयेन ने तोड़ी चुप्पी

11 मिनट का ऑल-फीमेल स्पेस मिशन

ब्लू ओरिजिन का NS-31 मिशन लगभग 11 मिनट का था। इस ऑल-फीमेल मिशन में अमांडा गुयेन के साथ पत्रकार गेल किंग, पॉप सिंगर कैटी पेरी, मीडिया एग्ज़ीक्यूटिव लॉरेन सांचेज़, एयरोस्पेस इंजीनियर आइशा बोवे और फिल्म प्रोड्यूसर केरिएन फ्लिन शामिल थीं।

‘महंगा और दिखावटी’ कहकर हुई आलोचना

इस यात्रा को महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का प्रतीक बताया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे बहुत महंगा, पर्यावरण के लिए नुकसानदायक और अमीरों का शौक बताया। कुछ आलोचकों ने मिशन में सेलिब्रिटी शामिल होने पर इसके वैज्ञानिक महत्व पर भी सवाल उठाए।

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“महिलाओं के खिलाफ नफरत की बाढ़”

इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में अमांडा ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन इतनी ज़्यादा महिलाओं के खिलाफ नफरत और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा कि वे एक हफ्ते तक बिस्तर से उठ नहीं पाईं और बिना रोए बात भी नहीं कर पा रही थीं।

मानसिक सेहत पर गहरा असर

अमांडा ने साझा किया कि फ्लाइट के पर्यावरणीय प्रभाव, खर्च और सेलिब्रिटी जुड़ाव को लेकर उठे सवालों के कारण वे कुछ समय तक टेक्सास से बाहर नहीं जा सकीं और उन्हें प्रोफेशनल मदद लेनी पड़ी।

आलोचना के बीच सकारात्मक असर

कड़ी आलोचना के बावजूद अमांडा ने कहा कि इस स्पेस फ्लाइट से उनके महिलाओं की सेहत से जुड़े शोध और रेप सर्वाइवर्स के समर्थन के काम को ज्यादा पहचान मिली। उन्होंने बताया कि इस मिशन के बाद उन्हें मीडिया का ध्यान मिला और विश्व नेताओं से मिलने के मौके भी मिले।

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बड़ी बहस की शुरुआत

अमांडा गुयेन का अनुभव इस बात पर चर्चा शुरू करता है कि कैसे सोशल मीडिया की नाराज़गी और पब्लिक ओपिनियन कई बार असली वैज्ञानिक और सामाजिक काम को पीछे छोड़ देती है, खासकर जब विज्ञान और सेलिब्रिटी कल्चर साथ आते हैं।