भारतीय मूल की प्रोफेसर नलिनी जोशी बनीं न्यू साउथ वेल्स की “साइंटिस्ट ऑफ द ईयर"

प्रोफेसर नलिनी जोशी को न्यू साउथ वेल्स की “साइंटिस्ट ऑफ द ईयर” के रूप में मिला सम्मान ऐतिहासिक है, क्योंकि यह ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में पहली बार है जब किसी गणितज्ञ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया है।

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Rajveer Kaur
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Indian-Origin Mathematician Nalini Joshi Named New South Wales Scientist of the Year

Photograph: (University of Sydney)

भारतीय मूल की प्रोफेसर नलिनी जोशी को न्यू साउथ वेल्स की ‘साइंटिस्ट ऑफ द ईयर’ घोषित किया गया है। यह सम्मान इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया में पहली बार किसी गणितज्ञ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। उनका कार्य गहरे गणितीय सिद्धांतों से लेकर जलवायु विज्ञान, सुरक्षित संचार और क्वांटम तकनीक जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

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भारतीय मूल की प्रोफेसर नलिनी जोशी बनीं न्यू साउथ वेल्स की “साइंटिस्ट ऑफ द ईयर"

क्वांटम मनी: भविष्य की झलक

जिस दुनिया में डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी पहले ही पैसे के इस्तेमाल को बदल चुके हैं, वहीं एक नई भविष्यवाणी सीमाओं को और आगे बढ़ा रही है—क्वांटम मनी।

प्रोफेसर जोशी के अनुसार, अगले दो दशकों में इंसान क्वांटम-आधारित मुद्रा का उपयोग कर सकते हैं। इस विचार ने तकनीकी और वैज्ञानिक जगत में खासा ध्यान खींचा है।

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बैकग्राउंड और सफर

प्रोफेसर नलिनी जोशी यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में एप्लाइड मैथमेटिक्स की चेयर हैं और जटिल प्रणालियों व क्रिप्टोग्राफी पर अपने शोध के लिए वैश्विक पहचान रखती हैं। भारतीय मूल के परिवार से आने वाली जोशी की शिक्षा और करियर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव और गहन अकादमिक दृष्टि दी।

उन्होंने फोर्ट स्ट्रीट हाई स्कूल में पढ़ाई की और बाद में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी हासिल की—जो गणित के प्रति उनके लंबे समर्पण को दर्शाता है।

कल की तकनीक और आज की चुनौती

प्रोफेसर जोशी ने उद्योग और अकादमिक जगत में एक बड़ी चिंता की ओर इशारा किया है—क्वांटम सुरक्षा और उससे जुड़ी गणित में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की भारी कमी।

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उनके अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में क्वांटम तकनीक के विशेषज्ञों की संख्या दर्जन से भी कम है, और वैश्विक स्तर पर ऐसे विशेषज्ञ और भी कम हैं जो क्वांटम क्रिप्टोग्राफी की जटिलताओं को गहराई से समझते हों।

इसी वजह से उन्होंने गणितीय शिक्षा और शोध में अधिक निवेश की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है, ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी की जा सके।

एक व्यापक संदेश

नलिनी जोशी की क्वांटम मनी की भविष्यवाणी सिर्फ हाई-टेक भविष्य की झलक नहीं है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि विज्ञान कितनी तेज़ी से हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बदल सकता है। साथ ही, प्रोफेसर जोशी गणित, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों की प्रबल समर्थक हैं और युवा शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन करने के लिए जानी जाती हैं।

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