इंडोनेशिया ने स्कूलों में धार्मिक पोशाक पहनने के नियम को रद्द किया : इंडोनेशिया में धार्मिक स्वतंत्रता को बनाये रखने के लिए ,पब्लिक स्कूलों में अनिवार्य धार्मिक पोशाक (compulsory religious attire) के नियमों को रद्द करने का निर्देश दिया गया। ऐसा जब हुआ, जब एक क्रिश्चन स्टूडेंट ने क्लास में कंपल्सरी हैडस्कार्फ (headscarf) नियम के खिलाफ़ आवाज़ उठाई। 16 साल की उस लड़की को सभी स्टूडेंट्स की तरह हेडस्कार्फ़ पहनने के लिए कहा गया था।

इंडोनेशिया सरकार ने 30 दिन में स्कूलों को ये नियम रद्द करने को कहा

इंडोनेशिया ने स्कूलों में धार्मिक पोशाक पहनने के नियम को रद्द किया। इंडोनेशिया की सरकार ने स्कूलों को 30 दिन का समय दिया है, जिस दौरान उन्हें ऐसे नियमों को रद्द करना होगा। यह पहली बार है कि मुस्लिम मैजोरिटी देश इंडोनेशिया ने देश में धार्मिक विविधता (religious diversity) को मान्यता देने के लिए एक ऑफिशल कदम उठाया हैं।

जो पब्लिक स्कूल राज्य के आदेशों का पालन नहीं करेंगे उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इंडोनेशिया के Education और Culture Minister, नदीम मकरिम (Nadiem Makarim) ने कहा कि धार्मिक पोशाक पहनना एक इंडिविजुअल राइट है और यह स्कूल का निर्णय नहीं है।

16 साल की एक क्रिश्चन स्टूडेंट ने उठाई थी आवाज़

एक क्रिश्चन स्टूडेंट को क्लास में हेडस्कार्फ़ पहनने के लिए मजबूर करने की कहानी हाल ही में वायरल हुई। वह पडंग (Padang) के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी और उस पर कंपल्सरी रूल्स का पालन करने का दबाव डाला गया था। जब उसने इन नियमों को मानने से इंकार किया तो उसके माता-पिता को स्कूल के अधिकारियों से मिलने के लिए बुलाया गया। लड़की के माता-पिता ने एक हिडन कैमरे के साथ मीटिंग को रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया।

वीडियो में स्कूल के अधिकारी को यह कहते हुए सुना गया था कि मुस्लिम हो या नहीं, स्कूल की सभी लड़कियों को स्कूल में हैडस्कार्फ पहनना होगा। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया साइट्स पर एक बड़ी बहस छिड़ गई। कई लोगों ने लड़की के धार्मिक अधिकारों को छीनने के लिए स्कूल की आलोचना की।

लड़की के पिता एलियानू हिया (Elianu Hia) ने बीबीसी न्यूज़ इंडोनेशिया से बात की और बताया कि उनकी बेटी को हेडस्कार्फ़ न पहनने के लिए रोज़ बुलाया जाता था और हर बार उसने अधिकारियों से कहा कि वह मुस्लिम नहीं है। “मेरे धार्मिक अधिकार कहाँ हैं? यह एक पब्लिक स्कूल है, ”उन्होंने कहा।

धर्म झगड़े को बढ़ावा नहीं देता, न ही वे अलग-अलग लोगों के खिलाफ़ भेदभाव करना सिखाता हैं। -Yaqut Cholil Qoumas (Religious Affairs Minister )

मामला गरमाते देख स्कूल के प्रिंसिपल ने बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान माफ़ी मांगी और भरोसा दिलाया कि लड़की को वही पहनने की अनुमति दी जाएगी जो वह चाहती हैंl इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। इसने छह धर्मों को आधिकारिक रूप से मान्यता दी हैं।

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