जन्नत एक सात साल की बच्ची जिसका नाम अब हर बच्चा टेक्स्ट बुक में पढ़ेगा। जिस टेक्स्ट बुक में जन्नत का नाम आया है वो हैदराबाद के एक स्कूल के करिकुलम में शामिल है। कौन है जन्नत? और एक 7 साल की बच्ची ने ऐसा क्या किया जो उसे इतना बड़ा दर्जा दिया गया।

image

जन्नत की कहानी

जन्नत श्रीनगर की रहने वाली हैं। पिछले 2 सालों से वो दल झील से कचरा साफ करने में अपने पिता की मदद कर रहीं है।

5 साल की छोटी सी उम्र में अपने प्राकृतिक धरोहरों को साफ रखने की कामना करने वाली जन्नत के काम को अब सब किताबों में पढ़ेंगे। जन्नत को आसपास के लोगों से तारीफ़ें मिली और अब उसे टेक्स्ट बुक में भी जगह मिली है।

वीडियो हुआ था वायरल

2018 में जन्नत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वो झील साफ करती हुई दिखाई दे रहीं थी। वो नाव पर बैठकर मछली पकड़ने वाले नेट से (fishing net) से झील को साफ कर रहीं थी।

वीडियो में था उनका सन्देश

वीडियो में वो कहती हैं, “आज मैंने और मेरे बाबा ने दल झील की थोड़ी बहुत सफाई की। हमें बहुत सारा कूड़ा मिला पर सिर्फ मेरे साफ करने से कुछ नहीं होगा। दल झील जैसी खूबसूरत चीज़ हम सब(बच्चों) के पास है तो हमें आगे आकर इसे सरंक्षित (preserve) करना चाहिए।”

2 साल से कर रही हैं दल झील की सफाई

जन्नत अभी तीसरी कक्षा में पढ़ रही हैं और वो कभी भी दल झील को साफ रखना नहीं भूलती हैं। वो पिछले 2 सालों से उसमें से सारा कूड़ा जैसे प्लास्टिक , बॉटल्स और अन्य चीज़ें हटाती रहीं हैं।

अपनी प्रेरणा अपने पिता को बताती हैं जन्नत

जन्नत से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि “मुझे दल झील को साफ करने के लिए मेरे बाबा ने प्रेरित किया। जो भी पहचान मुझे मिली है वो मेरे बाबा की वजह से है।”

जन्नत के पिता तारिक़ अहमद से जब पूछा गया कि उन्हें इस बात से कैसा महसूस होरहा है तो उन्होंने गर्व से कहा “मुझे मेरे दोस्त ने हैदराबद से कॉल करके बताया कि मेरी बेटी का नाम टेक्स्ट बुक में छपा है। तो मैंने उनसे फ़ोटो भेजने को कहा। ये मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।”

प्रधानमंत्री भी हुए थे इम्प्रेस(impress)

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले जन्नत का वीडियो शेयर किया था। उन्होंने कहा कि ये बच्ची स्वच्छ भारत अभियान के लिए एक्साम्पल सेट कर रही है। उन्होंने लिखा,” सुबह सुबह इस बच्ची को सुनकर आपकी सुबह और भी अच्छी होजाएगी। स्वच्छ्ता के लिए ग्रेट पैशन।”

हम चाहेंगे कि हम सब जन्नत की तरह अपने प्रकृति का ध्यान रखें और कूड़ा ना फैलायें।

और पढ़िए- मिलिए आईऐएस ऋतू सेन से , जिन्होंने अंबिकापुर को बनाया सबसे साफ छोटा शहर

Email us at connect@shethepeople.tv