Karnataka's New Rules For New Year 2022: कर्णाटक में ओमिक्रोन के चलते 2022 के जश्न पर लगी रोक

Karnataka's New Rules For New Year 2022:  कर्णाटक में ओमिक्रोन के चलते 2022 के जश्न पर लगी रोक Karnataka's New Rules For New Year 2022:  कर्णाटक में ओमिक्रोन के चलते 2022 के जश्न पर लगी रोक

SheThePeople Team

21 Dec 2021


Karnataka's New Rules For New Year 2022: दिसंबर चल रहा है और कुछ दिनों बाद ही नया साल आने वाला है। इसके साथ साथ ही ओमिक्रोन भी नए साल के साथ कई दिक्कतें लेकर आ रहा है। इंडिया में कोरोना के इस नए वैरिएंट ओमिक्रोन के 200 मामले हो चुके हैं। यह मामले ज्यादातर फूली वैक्सीनेटेड लोगों में ही निकले हैं। पिछले 15 दिनों में कुल 11 राज्यों और यूनियन टेरिटरीज प्रदेशों ने ओमीक्रॉन के 111 मामले दर्ज किए हैं। कर्नाटक देश का पहला राज्य था, जिसने 2 दिसंबर को ओमीक्रॉन वैरिएंट का पता लगाया था।

कर्णाटक में नए साल के जश्न पर क्यों लगी रोक?

कर्नाटक में दिसंबर 30 से 2 जनवरी तक के लिए किसी भी तरीके की भीड़ इक्कठे होने पर रोक लगा दी गयी है। यह ओमिक्रोन के मामले बढ़ने के कारण से किया गया है। कर्णाटक में ओमिक्रोन के 19 मामले सामने आ चुके हैं। सभी जगह सतर्कता बरती जा रही है क्योंकि नए साल के जश्न में मामले अचानक से बढ़ सकते हैं और अगर इंडिया में भी यूनाइटेड स्टेट्स की तरह तेज़ी से मामले बड़े तो बहुत दिक्कत हो सकती है। यूनाइटेड स्टेट्स में हर दिन दिन गन अजयदा मामले सामने आ रहे हैं।

आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि सभी लोग तैयार रहे और प्राथना करें कि ओमिक्रोन यूनाइटेड स्टेट्स की तरह इंडिया में न फैले।

इंडिया में ओमिक्रोन के किस राज्य में कितने मामले हैं?

कई राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने ओमीक्रॉन मामले की संख्या में बढ़ोतरी देखी है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में 40 मामले सामने आए हैं, दिल्ली (22), राजस्थान (17), कर्नाटक (8), तेलंगाना (8), गुजरात (5), केरल (7), आंध्र प्रदेश (1), चंडीगढ़। (1), तमिलनाडु (1) और पश्चिम बंगाल (1)। सरकार ने कहा कि यह संभावना है, कि ओमीक्रॉन स्प्रेड डेल्टा वैरिएंट से आगे निकल जाएगा, जहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन सुरु होता है।

यंग लोगों के कम्पेरिसन में वैक्सीन का असर बूढ़े लोगों में जल्दी कम हो जाता है। इसलिए इनके लिए यह ज्यादा रिस्की हो सकता है। क्योंकि इम्युनिटी के शरीर में होने से आप सेरियस तरीके से बीमार नहीं हो पाते हैं।


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