महिला पीसकीपर (Peacekeeper) और भारतीय सेना के अधिकारी, मेजर सुमन गवानी को यूनाइटेड नेशंस मिल्टरी जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड (2019) के लिए चुना गया है। यूनाइटेड नेशन चीफ एंटोनियो गुटेरेस ने उन्हें “शक्तिशाली रोल मॉडल” भी बोला। एएनआई ने बताया कि सेक्सुअल वायलेंस के खिलाफ उनका काम सबसे ज़्यादा पहचाना जाता है ।

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यह पहली बार है जब किसी भारतीय पीसकीपर को इस सम्मान से नवाजा जाएगा। गवानी वर्ष 2011 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से ग्रेजुएशन करने के बाद भारतीय सेना में शामिल हुई थी। वह यूनाइटेड नेशन मिशन के अंडर दक्षिण सूडान में तैनात थी।

“हमारा जो भी कार्य, स्थिति या रैंक है, यह हमारा कर्तव्य है कि पीसकीपर के रूप में हमारे डेली वर्क में एक ऑल – जेंडर पर्सपेक्टिव को साथ लाये और इसे सहकर्मियों के साथ-साथ कम्युनिटीज (communities) के साथ हमारी बातचीत में शामिल करें।” – गवानी

यूनाइटेड नेशन चीफ एंटोनियो ने उपलब्धि हासिल करने वालों की प्रशंसा करते हुए कहा, “अपने काम के माध्यम से, वो नए पर्सपेक्टिव लाये हैं और उन समुदायों के बीच विश्वास बनाने में मदद की है जिनकी हम सेवा करते हैं।”

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मेजर सुमन गवानी का योगदान

गवानी, जो आर्मी सिग्नल कॉर्प्स के साथ है, ने जेंडर रेस्पॉन्सिव ट्रेनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उपलब्धि पर बोलते हुए गवानी ने कहा, “हमारा जो भी कार्य, स्थिति या रैंक है, यह हमारा कर्तव्य है कि पीसकीपर के रूप में हमारे डेली वर्क में एक ऑल – जेंडर पर्सपेक्टिव को साथ लाये और इसे सहकर्मियों के साथ-साथ कम्युनिटीज (communities) के साथ हमारी बातचीत में शामिल करें।”

गवानी को दक्षिण सूडान में यूनाइटेड नेशन मिशन के साथ एक मिलिट्री आब्जर्वर के रूप में तैनात किया गया था। उन्होंने कहा ” उन्होंने (गवानी) कनफ्लिक्ट से संबंधित सेक्युअल वायलेंस पर 230 यूनाइटेड नेशन मिलिट्री ऑब्सेर्वेर्स को मेंटर किया।

“उसने दक्षिण सूडानी सरकार की सेनाओं को भी ट्रेन किया और कनफ्लिक्ट रिलेटेड सेक्सुअल वायलेंस पर खुद का एक्शन प्लान शुरू करने में मदद की।”

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