12th बोर्ड एग्जाम मंजूरी – सरकार ने 12th बोर्ड एग्जाम कैफीनल फैसला करने के लिए सभी स्टेट्स से उनकी राय मांगी। 32 में से 29 स्टेट्स और यूनियन टेरिटरीज ने हाँ कहा है या फिर एग्जाम से पहले वैक्सीन का सुझाव दिया।

एजुकेशन मिनिस्ट्री को सभी राज्यों ने अपने अपने सुझाव भेज दिए है। दिल्ली, महाराष्ट्र, गोवा एंड अंडमान & निकोबार ने पेन और पेपर वाले एग्जाम के लिए न मंजूरी दी है।

ऑप्शन-बी के लिए भी काफी स्टेट्स ने कहा है जिस में कि एग्जाम सेण्टर की जगह एग्जाम स्कूल में लिए जाएंगे। एग्जाम भी अब कम समय का रखा जाएगा जो कि 90 मिनट का होगा। केरल और आसाम ने एग्जाम से पहले वैक्सीनेशन के लिए कहा है। दिल्ली और महराष्ट्र ने बताया कि बच्चों और टीचर्स के लिए एग्जाम से पहले वैक्सीन लगना कितना ज्यादा जरुरी है।

तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और हरयाणा ने यूनियन गवर्नमेंट से क्वेश्चन पेपर के पैटर्न में ज्यादा बदलाव न करने के लिए कहा है। एजुकेशन मिनिस्ट्री इन सभी का फैसला सुनकर अगले हफ्ते तो फाइनल फैसला देंगे।

सरकार का 12th बोर्ड को लेकर फाइनल फैसला क्या है ?

सभी जगह इसको लेकर विरोध किया जा रहा है। एक बच्चे ने तो ट्विटर पर गुस्से में ये तक कह दिया कि हमारा एग्जाम एग्जाम सेंटर की जगह शमशानघाट में ही लिखवा लेना। सरकार का कहना है कि जून में एक बार हालत देखकर इस बारे में सोचा जायेगा। सीबीएसई ने 12वीं कक्षा का 15 जुलाई से 26 जुलाई तक एग्जाम लेने की अपेक्षा जाहिर की है। बारहवीं की एग्जाम लेने पर रविवार की हुई मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो पाया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने 25 मई तक प्रस्ताव मांगने की बात कही है। वही एग्जाम कराने का अंतिम फैसला 1 जून को होगा। जिसके बाद एग्जाम ऑफलाइन मोड के माध्यम से हो सकती है और रिजल्ट सितंबर तक आने की उम्मीद है।

किस तरीके से होंगे 12th एग्जाम ?

इस बार 12वीं का एग्जाम सामान्य प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं होगा। सीबीएसई सिर्फ कुछ मुख्य विषय का एग्जाम लेने का विचार कर रहा है। इसके अलावा हर बार की तरह एग्जाम 3 घंटे का नहीं बल्कि से 1.5 घंटे का हो हो सकता है। जानकारी के मुताबिक मीटिंग का फैसला करने के लिए हाय लेवल कमिटी बनाई गई है।

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