PM Modi On Omicron Variant: प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने कहा ओमिक्रोण को लेकर सभी अलर्ट रहें, जानिए कौन कौन से देश हैं रिस्क में?

PM Modi On Omicron Variant: प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने कहा ओमिक्रोण को लेकर सभी अलर्ट रहें, जानिए कौन कौन से देश हैं रिस्क में? PM Modi On Omicron Variant: प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने कहा ओमिक्रोण को लेकर सभी अलर्ट रहें, जानिए कौन कौन से देश हैं रिस्क में?

SheThePeople Team

29 Nov 2021

PM Modi On Omicron Variant: इंडिया में ओमिक्रोण वायरस की बात की जाए तो अभी तक एक भी केस कन्फर्म नहीं हुआ है। इंडिया के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने भी कह दिया है कि वायरस को लेकर सभी अलर्ट रहें। इंडिया में साउथ अफ्रीका से एक आदमी डोम्बिवली वापस आया था और यह पॉजिटिव टेस्ट किया था। यह डोम्बिवली महाराष्ट्र के ठाणे एरिया में आता है। लेकिन इसको लेकर अभी तक यह कन्फर्म नहीं हुआ है कि यह ओमिक्रोण वैरिएंट ही है या नहीं।

किन किन देशों में ओमिक्रोण वैरिएंट का खतरा है?


अभी के लिए इसके सैम्पल्स जीनोम सेंटर में जांच के लिए भेज दिया गए हैं और यह इंडिया 24 नवंबर को आया था। बहुत से देशों में सरकार द्वारा नए गाइडलाइन्स निकाल दिए हैं। इस वैरिएंट का खतरा UK में और पूरे यूरोप में हैं। इसके अलावा मॉरिशियस, न्यू ज़ीलैण्ड, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश, ब्राज़ील, चीन, ज़िम्बाब्वे, इजराइल, होन्ग कोंग और सिंगापुर में सावधानी बरतने की जरुरत है।

कोरोना के नए वैरिएंट का नाम B. 1. 1. 529 है। साइंटिस्ट एक कहना है कि इस नए वायरस से ड़रने की और सावधानी बरतने की जरुरत है क्योंकि यह इंडिया में मिले वैरिएंट डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक है। यूनियन मिनिस्ट्री ने सभी स्टेट्स और यूनियन टेरिटरीज को लेटर भेजा है कि इस सभी अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवेलर्स की टेस्टिंग पर ध्यान दिया जाए और नज़दीकी से फॉलो किया जाए।

क्यों है ओमिक्रोण वैरिएंट खतरनाक?


एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि यह वायरस डेल्टा वैरिएंट से भी 6 गुना ज्यादा संक्रामक है। इंडिया के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने भी कह दिया है कि वायरस को लेकर सभी अलर्ट रहें। आपको याद होगा कि कोरोना की दूसरी हर के वक़्त डेल्टा वैरिएंट ने ही कितनी मुश्किल पैदा कर दी थी और सिचुएशन सभी जगह सीरियस हो गयी थी।

यह वायरस साउथ अफ्रीका में मिला है और इसके कारण से एयरपोर्ट पर बहुत ध्यान देने की जरुरत है। इसके अलावा सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शायद यह वैरिएंट पर हमारा एंटीबाडी वाला ट्रीटमेंट असर न करे जो कि हम अभी तक कोरोना के केसेस के लिए करते आए हैं।

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