Ritu Narwal : 35 की उम्र में ये महिला बनी मध्य प्रदेश की सबसे पहली बस ड्राइवर, जानिए उनके बारे में कुछ बातें

Ritu Narwal : 35 की उम्र में ये महिला बनी मध्य प्रदेश की सबसे पहली बस ड्राइवर, जानिए उनके बारे में कुछ बातें Ritu Narwal : 35 की उम्र में ये महिला बनी मध्य प्रदेश की सबसे पहली बस ड्राइवर, जानिए उनके बारे में कुछ बातें

SheThePeople Team

06 Sep 2021


Ritu Narwal First First Female Bus Driver Of MP : रितु नरवाल ये 35 वर्षीय महिला है जो मध्य प्रदेश की सबसे पहली बस ड्राइवर बनी। रितु के इस कमियाबी के बारे में पूरे देश में चर्चा हो रही है। अभी तक महिलाएं ट्रक ड्राइवर, और पायलट की रूप में सामने आई थी। लेकिन रितु के इस उपलब्धि के बाद वो महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है। जानिए कैसे रितु मध्य प्रदेश की बस ड्राइवर बनी और उन्हे अपने ध्येय तक पहुंचने में क्या समस्या आई।

रितु नरवाल मध्य प्रदेश की सबसे पहली महिला बस ड्राइवर (Madhya Pradesh's first female bus driver Ritu Narwal)

35 की उम्र में रितु नरवाल ने मध्य प्रदेश की सबसे पहली महिला ड्राइवर बनकर इतिहास बना लिया है। अभी तक मध्य प्रदेश में कोई भी महिला बस ड्राइवर नही थी।

जब रितु बस ड्राइवर बनी तो ये सबके लिए चर्चा का विषय बना। रितु नरवाल ने अपनी नौकरी की शुरवात पिंक सिटी बस सर्विस के ड्राइवर के तौर पर की। पिंक सिटी बस सर्विस ये अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTL) द्वारा उपलब्ध की गई बस सेवा है जो महिलाओं को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है।

रितु ने सबसे पहले 2 सितंबर को राजीव गांधी स्क्वेयर और निरंजपुर स्क्वेयर के बीच बस चलाकर पैसेंजर को ले गई थी। उसके पहले रितु को टेस्ट राइड दी गई थी ताकि वो समझ ले की बस रोज मर्रा के समय में सड़को पर कैसे चलती है।

रितु का बस ड्राइवर बनने का सपना आसानी से पूरा नही हुआ। पहले रितु के पिता रितु के इस निर्णय से खुश नहीं थे। उनके हिसाब से लड़कियों ने बस जैसे भारी वाहनों को चलाना सही नही था। लेकिन रितु हमेशा से भारी वाहन चलाना चाहती थी। इसलिए उन्होंने बस चलाना सीखा, ये करने के लिए उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया की शुरवात में सड़क पर बस चलाना उनके लिए बहुत मुश्किल था और वो बस को आसानी से चला नही पाती थी। लेकिन उनकी मेहेनत और लगन उनके कामियाबी की वजह बनी।

जब रितु 28 साल की हुई तो उन्हे बस का लाइसेंस मिला। उसके पहले वो होटल में काम किया करती थी। रितु की मेहनत को देखकर उनके पिता ने भी उनका साथ दिया और उन्हे आगे बढ़ने में मदद की। रितु को ड्राइवर के तौर पर देख कर लोगो का उत्साह बढ़ा और लोगो के लिए प्रेरणा बनी। AICTL के सीईओ संदीप सोनी ने बताया की रितु नरवल के बाद वो और कुछ महिलाओं को बस ड्राइवर के तौर पर बस सर्विस में शामिल करेंगे।





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