UK वायरस स्ट्रेन के कारण हजारों में इन्फेक्शन हो गया है और इसके बढ़ते ट्रांसमिशन के साथ यह एक ग्लोबल टेंशन बन गया है। जब सारी दुनिया यह सोचकर थोड़े रिलीफ में थी की अब कोरोनावायरस की वैक्सीन के आने से हमें पान्डेमिक से जल्द ही राहत मिलेगी पर ऐसा होता नहीं दिख रहा। दुनिया ने U.K में कोरोनावायरस  स्ट्रेन (UK Coronavirus Strain Hindi) के एक और वैरिएंट का पता लगाया है जिसके मौजूदा वायरस से भी ज़्यादा खतरनाक होने की संभावना है।

जैसा कि इस वायरस के नए स्ट्रेन को और ज़्यादा खतरनाक बताया गया है क्योंकि यह बीमारी को जल्दी से ट्रांसमिट करता है, अभी तक “कोई सबूत” नहीं है कि क्या वायरस लोगों के स्वास्थ्य को खराब करता है या मौत का खतरा बढ़ाता है, सीडीसी ने पहले सप्ताह में कमेंट किया कि नए कोरोनोवायरस स्ट्रेन का म्यूटेशन लगातार होता रहता हैं, लेकिन ज़्यादातर म्यूटेशंस इन्सिग्नीफिकेंट होते हैं।

जबकि साइंटिस्ट और वायरस विशेषज्ञ अभी भी नए स्ट्रेन के बारे में ज़्यादा जानकारी इकट्ठा करने के लिए काम कर रहे हैं, वायरस पहले से ही हजारों में इन्फेक्शन का कारण बना हुआ है और ग्लोबली एक टेंशन का टॉपिक बन गया है। US को छोड़कर 40 से अधिक देशों ने कोरोनोवायरस के नए स्ट्रेन के म्यूटेट होने के कारण अब UK के साथ ट्रांसपोर्ट लिंक को ससपेंड कर दिया है।

 कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन के बारे में जानने के लिए यहां 10 बातें दी गई हैं – (UK Coronavirus Strain Hindi)

  1. WHO के अनुसार, 13 दिसंबर तक UK में 1,108 मामलों मेंUK वायरस का स्ट्रेन पाया गया था। हालांकि, वैज्ञानिक और रोग विशेषज्ञ अभी भी एडिशनल टेस्ट कर रहे हैं ताकि इस बात की पुष्टि की जा सके कि जेनेटिक कोड के सीक्वेंस के साथ-साथ , एक मरीज को वायरस से किस म्यूटेशन से इन्फेक्शन हुआ है।
  2. WHO के अनुसार, इस नए वायरस के वेरिएंट का पता दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के केंट में लगाया गया, जहां इसके बारे में 20 सितंबर को रेट्रोस्पेक्टिव एनालिसिस के आधार पर पता लगाया गया था। हालांकि, अक्टूबर तक मामलों में तेजी से वृद्धि हुई, और नवंबर तक काफी वृद्धि हो गयी जिसके कारण इस महीने के शुरू में म्यूटेशन की जांच हुई।
  3. UK ने कहा है कि यह वैरिएंट वायरस के मैन स्ट्रेन की तुलना में 70% तक अधिक खतरनाक है, क्योंकि यह आसानी से और तेज़ी से फैलने वाला है।

  4. यह अनुमान लगाया जाता है कि नए वायरस के स्ट्रेन से संक्रमित प्रत्येक व्यक्ति में एक और 1.5 लोगों को संक्रमित करने की क्षमता है
  5. UK के अधिकारी यह निर्धारित करने के लिए एपिडेमीओलॉजिकल और वायरोलॉजिकल जांच कर रहे हैं कि क्या वैरिएंट ज़्यादा इन्फेक्शईस है, चाहे वह लोगों के स्वास्थ्य को बिगाड़ता है या मृत्यु के जोखिम को बढ़ाता है, और यदि यह उन लोगों को फिर से संक्रमित कर सकता है जिन्हें पहले COVID-19 का पता चला था। अधिकारी एंटीबॉडी पर भी रिसर्च कर रहे हैं जो नए म्यूटेशन के संकेतों पर पॉजिटिव रिएक्शन देगा।
  6. जबकि High transmissibility एक चिंता का विषय हो सकता है, स्पेशलिस्ट्स अभी भी रिसर्च कर रहे हैं कि क्या नया स्ट्रेन हाई डेथ रेट के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
  7. एपिडेमियोलॉजी और वायरोलॉजिकल जांच के अलावा, अधिकारी देश भर में नए म्यूटेशन के प्रसार के दायरे को समझने के लिए genomic surveillance भी कर रहे हैं। U.K ने प्रभावित क्षेत्रों को देश के सबसे मजबूत कोविद नियमों में टियर 4  बैन के तहत भी रखा है।
  8. WHO यह निर्धारित करने के लिए लैब रिसर्च कर रहा है कि क्या नए वायरस स्ट्रेन में यूनिक बायोलॉजिकल प्रॉपर्टीज हैं या मौजूदा वैक्सीन एफिशिएंसी को बदल सकते हैं।

  9. UK वायरस का नया स्ट्रेन कोरोनोवायरस स्पाइक प्रोटीन में N5017 नाम के एक म्यूटेशन को शामिल करता है। यह वायरस को ह्यूमन सेल्स  को रोकने और उन्हें घुसने की अनुमति देता है।
  10. BioNTech के सीईओ उगुर साहिन ने कहा कि वह पॉजिटिव हैं कि फाइजर के साथ कंपनी का वायरस वैक्सीन नए स्ट्रेन को हराने के लिए प्रभावी रूप से काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की रिसर्च के बारे में पूरी तरह से सुनिश्चित कर पाएंगे

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