एक तरफ़ जहां वुमन डे पर लोगों ने कई तरह के सवाल उठाए , और नारीवादी सोच को केवल एक झूठा और गंदा फैशन बताया। इन्हीं सब चीजों के इतर महिलाओं के खिलाफ होते अन्याय को धक देना, कितना सही है ? WHO on sexual violence in hindi

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार हर 3 में से 1 महिला अपने पार्टनर द्वारा हिंसा का शिकार होती है। इसी के साथ डब्‍ल्‍यूएचओ ने बताया कि यह महिलायें जो हिंसा से प्रताड़ित होती हैं उनकी उम्र ज्यादातर 16 से 49 वर्ष के बीच की होती है। पार्टनर द्वारा यह प्रताड़ना शारीरिक, मानसिक, सेक्शुअल हर प्रकार की होती है। हर कोई जानता है कि हिंसा किसी भी प्रकार का समाधान नहीं लाती, यह बस पीड़ित को शारीरिक, मानसिक रूप से तोड़ कर रख देती है। WHO on sexual violence in hindi

महिलाओं के खिलाफ होती हिंसा पर यदि इस समय जोर न दिया गया, तो ना जाने कितनी और महिलायें अपने घर में हिंसा का शिकार होंगी। महिला दिवस पर उंगली उठाना, नारीवादी सोच को मात्र फैशन का नाम दे देना, यह सारी चीजें हमारे समाज की महिला विरोधी सोच को दर्शाती हैं। हमें जरूरत है पूरे साल महिलाओं के हक के लिए मांग करने की, और उनके प्रति होती हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की।

Email us at connect@shethepeople.tv