Male Possessive Behaviour: पजेसिवनेस के नाम पर कंट्रोल की जाती महिलाएं

Male Possessive Behaviour: पजेसिवनेस के नाम पर कंट्रोल की जाती महिलाएं Male Possessive Behaviour: पजेसिवनेस के नाम पर कंट्रोल की जाती महिलाएं

Swati Bundela

23 Sep 2022

पजेसिवनेस के नाम पर कंट्रोल की जाती हैं महिलाएं

एक रिश्ते में आपने यह देखा ही होगा कि कैसे महिलाओं को उनकी देखभाल या प्यार का हवाला देकर कंट्रोल किया जाता है। यह कंट्रोल शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तीनों रूप से होता है। एक लड़की के जन्म से लेकर उसकी शादी और जीवन के आखिरी सीढ़ी तक उसके जीवन के आधे से अधिक फैसले उसके जीवन में आने वाले पुरुष ही लेते हैं।

उनके मुताबिक जो सही होता है केवल उसी प्रकार का व्यवहार वो अपनी बहन, माँ, प्रेमिका, और पत्नी से उम्मीद रखते हैं। पुरुष ही तय करते हैं कि उनके घर की महिलाओं को किस प्रकार के कपड़े पहनने चाहिए, उनको किससे मिलना चाहिए या कब मिलना चाहिए। यहाँ तक की वे कब बाहर जा सकती है और कितने समय तक जा सकती हैं, यह भी पुरुष ही तय करते हैं।

हर रिश्ते में महिला को कंट्रोल करते हैं पुरुष

रिश्ता चाहे जो भी हो उसमें महिला ही पुरुष की बातों को मानने को मजबूर होती है। अगर पहले वो अपने पिता की बात मानती है तो उसके बाद अपने प्रेमी या अपने पती के हिसाब से चलना पड़ता है। कुछ महिलाएं भी इस अधिक पजेसिवनेस को फ्रिक और अपने लिए अधिक प्यार समझने की भूल करती हैं। 

उन्हें यह समझने की जरूरत है कि आप क्या पहन सकते हैं, या किससे मिल सकते हैं यह आपके निजी फैसले होने चाहिए और इसमें किसी और का कोई प्रभाव नही होना चाहिए। जब एक पुरुष के लिए कोई यह सब तय नहीं करता है और उन्हें खुद यह सब तय करने का पूरा हक होता है तो फिर महिलाओं के लिए यह सब पुरूष क्यो और किसलिए तय करेंगें?

पजोसिवनेस एक टॉक्सिक बिहेवियर है

आप इस भ्रम में ना रहे कि आपके सुरक्षा या आपके फायदे के लिए ही आपकी जिंदगी के पुरुष आपके लिए यह सब छोटी-छोटी चीजें तय कर सकते हैं। ऐसा नहीं हैं, बल्कि यह पुरुषों का एक टॉक्सिक व्यवहार है। इसके सहारे आपको प्रेम के भ्रम में रखकर आपको किया जाता है। साथ ही आपकी आज़ादी और वे फैसलें जो आपके निज़ी होने चाहिए उनमें दखल दी जाती है। 

अगर उन्हें आपकी सुरक्षा की चिन्ता है तो वो आपको सलाह देंगें और आपका साहस बढ़ाएगें ना कि आपकी आजादी को ही कैद करने का सोचेंगें। पुरुषों को यह समझने की जरूरत है कि एक रिश्ते में दो जन बराबर के हक़दार होते हैं और दोनों को ही एक-दूसरे की आजादी और निजी़ स्पेस की कदर करनी चाहिए।

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