सोसाइटी का कहना है फेमिनिज्म परिवारों को तोड़ रहा है। क्या औरतों का गलत के खिलाफ आवाज उठाना, स्वयं के लिए कमाना, अपनी जिंदगी अपने टर्म्स पर जीना, अपने डिसीजंस खुद लेना, दूसरों से पहले खुद के लिए सोचना, आदि गलत है? नहीं ना। वे भी समाज में समान अधिकार की हकदार हैं। पुरुषों को तो उनका सम्मान और साथ देने चाहिए। तभी इस सोसाइटी की सोच बदलेगी।

1) औरतों को समान अधिकार एवं सम्मान

जितना अधिकार एक पुरुष को है, उतना ही समान अधिकार एक औरत को भी है। औरतों को अपनी लाइफ अपने टर्म्स पर, अपने हिसाब से जीने दीजिए। औरतें भी परिवार के लिए कमाना, सारे फाइनेंसेज को संभालना, अपने और अपने परिवार का भविष्य प्लान करना, यह सब कर रही हैं और हमेशा से ही कर सकती हैं। पर शायद अब जाकर उन्हें यह अपॉर्चुनिटी मिली है। लड़कियां भी स्वतंत्र हैं, उनकी खुद की चॉइसेज और डिजायर्स हैं। वे कोई सबोर्डिनेट जेंडर नहीं है। पुरुष करें फेमिनिज्म का सपोर्ट 

2) बातचीत के लिए एक खुला स्पेस

जब पुरुष महिलाओं को समान मानेंगे, तब महिलाओं की समस्याएं भी उन्हें समझ आएगी। 2021 में भी सेक्स, जेंडर पीरियड्स इन सब के बारे में बात करने में आपको शर्म नहीं आनी चाहिए। जब तक परिवारों में यह बातें नहीं शुरू होगी, तब तक ‘सेक्सुअल कंसेंट’ जैसा आवश्यक मुद्दा सबके समझ में कैसे आएगा। अपने घर पर ऐसा माहौल बनाए कि सब एक-दूसरे से खुलकर बातचीत कर सकें।

3) अपने घर की महिलाओं को सपोर्ट करें

यदि आपकी घर की किसी भी महिला के साथ कोई हिंसा या सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस हुआ है तोbउनका साथ दें। अक्सर महिलाओं को यह कहकर चुप कर दिया जाता है कि, “समाज में बदनामी होगी, तुमसे शादी कौन करेगा?, तुम घर से बाहर नहीं जाओगी, तुम यह नहीं करोगी… तुम वह नहीं करोगी..”। उन्हें यह कहकर चुप मत करें कि यह तो हर लड़की के साथ होता है। इसके बजाय आप उन्हें इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करें।

4) उनके ड्रीम्स का सपोर्ट करें

एक औरत की जिंदगी मां, बेटी, बहन इन सबसे बढ़कर भी कुछ होती है। आप वे पुरुष बने जो उसके सपनों को, उसके एंबीशंस को समझे, उसके साथ खड़े रहे और उसको उन सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करें।

5) घर के कामों में मदद

समाज के हिसाब से देखें तो औरतें तो सुपर वुमन हैं। वे बाहर का, घर का सारा काम अकेले ही संभाल सकती है। यह सच नहीं है। आप यह समझे कि औरतें भी सामान्य मनुष्य ही हैं। पुरुष भी औरतों की तरह परफेक्शन के साथ घर के सारे काम कर सकते हैं। क्लीनिंग और कुकिंग जैसी स्किल्स तो बेसिक लाइफ स्किल्स है जो सबको आनी चाहिए।

6) उनके अचीवमेंट्स पर अप्रिशिएट करें

औरतों की उपलब्धियों पर खुद को इनफिरियर फील करवाने की बजाए, आप उन्हें सपोर्ट करें, उन्हें इनकरेज करें। अगर एक औरत अपने हस्बैंड से ज्यादा कमा रही है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। इस बात से डील करने की कोशिश करें।

7) पेरेंटिंग आपकी भी जिम्मेदारी हैपुरुष करें फेमिनिज्म का सपोर्ट 

एक बच्चे को पाल-पोस कर बड़ा करने की जिम्मेदारी सिर्फ एक औरत की नहीं है। यह आपका भी बच्चा है, तो आपको यह जिम्मेदारी बांटनी चाहिए। दोनों माता-पिता का अपने बच्चे के साथ समय व्यतीत करना उसकी ग्रोथ में आवश्यक है।

8) सेक्सिज्म का साथ देना बंद करें पुरुष करें फेमिनिज्म का सपोर्ट 

किसी भी तरह की सेक्सिस्ट बातों का या सेक्सिज्म का साथ देना बंद करें। उन लोगों को भी अपने घर पर ना बुलाए जिनके सामने आप नहीं चाहते कि आपकी घर की लड़कियां जाए। व्हाट्सएप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सेक्सिस्ट जोक्स और मैसेजेस फॉरवर्ड करना बंद करें। पुरुष करें फेमिनिज्म का सपोर्ट 

9) अपने लड़को को सही सिखाएं

अगर आप चाहते हैं कि तलाक के केस कम हो जाए और इंडियन फैमिलीज पहले की तरह एक साथ जुड़ी रहे, तो अपने लड़कों को सही सीख दें। आपके बच्चे आपकी हर हरकत को गौर से देखते हैं। वे आप क्या कर रहे हैं, क्या नहीं कर रहे, हर एक्शन को कॉपी करते हैं। तो आप इस बात का ध्यान रखें कि आप उसके लिए एक अच्छे रोल मॉडल बनें और आप उसे एक अच्छे ह्यूमन बीइंग की तरह बड़ा करें।

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