अबॉर्शन को लेकर लोगों की सोच में काफी बदलाव आए हैं। अब पहले की तरह नहीं रहा है कि लोग अबॉर्शन कराने किसी भी अनरजिस्टर्ड और अनसेफ जगह पर जा रहे हैं। अब महिलाएं पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंट और फीयरलेस महसूस करती हैं। अनप्लेंड प्रेगनेंसी के केस में अबॉर्शन करवाना कोई गलत बात नहीं है। क्या आप जानते हैं इन बदलावों के संभव कारण क्या हो सकते हैं?

1. अबॉर्शन लीगल है

अबॉर्शन सन 1971 से लीगल है। अब औरतें अपने अधिकारों के बारे में ,अबॉर्शन प्रोसीजर की लीगैलिटीज के बारे में अच्छे से जानती हैं, समझती हैं। अबॉर्शन को लेकर जो अवेयरनेस है, जो इसका इजी प्रोसीजर है, अबॉर्शन कराने के जो सेंटर्स हैं, ये सब अब पहले से बढ़ गए हैं।

2. कम्युनिकेशन गैप कम हुआ है

अब जो पेरेंट्स और उनकी बेटियों के बीच का जो कम्युनिकेशन है वह और खुल कर हो रही है। अब वह बिना किसी झिझक के, बिना किसी शर्म के, अपने मां-बाप से इस विषय पर खुलकर बात कर सक रही हैं। अब लड़कियों को उनके पेरेंट्स से, उनकी फैमिली से फुल सपोर्ट मिल रहा है।

3. अबॉर्शन का प्रोसेस आपकी आइडेंटिटी को छुपा कर रखता है

किसी भी केस में जो महिला अबॉर्शन करवा रही है उसका नाम और उसकी जानकारी किसी को पता नहीं चलती है। उसके महिला की प्राइवेसी को मेंटेन रखा जाता है।

4. आप अकेली ही अबॉर्शन के लिए कंसेंट दे सकती हैं

जी हां। अगर आपकी आयु 18 वर्ष या उससे ऊपर की है तो आप अपना कंसेंट दे सकती है। परंतु अगर आपकी आयु 18 साल से नीचे की है तो आपके पेरेंट्स या लीगल गार्जियन का कंसेंट होना आवश्यक है। अगर कोई भी लड़की जो 18 वर्ष से कम उम्र की है, उसकी प्रेगनेंसी की रिपोर्ट डॉक्टर को पुलिस को देनी ही पड़ती है। यह एक नेशनल लॉ है।

5. अबॉर्शन सेफ है

हां, अबॉर्शन एक बहुत ही सेफ प्रोसीजर है। अगर यह सही समय पर, सही जगह पर और सही पर्सन के द्वारा किया जाए तो यह बिल्कुल ही एक सेफ प्रोसीजर है। अबॉर्शन को लेकर बदलाव 

6. अबॉर्शन का प्रोसेस दर्द भरा नहीं होता है अबॉर्शन को लेकर बदलाव 

अबॉर्शन करवाने पर आपको थोड़ा बहुत दर्द हो सकता है। अगर आप मेडिकल अबॉर्शन करवा रहे हैं जिसमें आप पिल्स लेते हैं तो आपको कुछ टाइम तक पेन हो सकता है। आपको डायरिया, नॉसिया, उल्टी और खून भी आ सकते हैं। लेकिन किसी भी हालत में इस ब्लीडिंग को रोकने के लिए कोई और पिल्स ना लें।

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