Childhood Trauma: आपका व्यवहार बच्चे में ट्रॉमा का कारण तो नहीं है

आपके परवरिश की कुछ गलतियां आपके बच्चे के बचपन को दुखद भी बना सकती हैं।तो क्या है वह गलतियां जो आपको अपने बच्चे के साथ नहीं करनी चाहिए । जानिए इस ब्लॉग में।

Shruti Upadhyay
28 Dec 2022
Childhood Trauma: आपका व्यवहार बच्चे में ट्रॉमा का कारण तो नहीं है

Child care

Childhood Trauma: बच्चे को अच्छा जीवन देना बहुत जरूरी है। बच्चे की मानसिक विकास में उसके आस पास की चीजें बहुत बड़ा रोल अदा करती हैं। आपको बच्चे के शारीरिक विकास के साथ साथ उसे मेंटली भी काफी ज्यादा प्रिपेयर करना बहुत जरूरी है।

आपका अपने बच्चे के लिए बिहेवियर काफी पोलाइट होने के साथ साथ उसके हर एक्टिविटी को नोटिस करने वाला होना चाहिए आपके परवरिश की कुछ गलतियां आपके बच्चे के बचपन  को दुखद भी बना सकती हैं। क्या है वह गलतियां जो आपको अपने बच्चे के साथ नहीं करनी चाहिए ।

Parenting mistake causes childhood Trauma

1. प्रशंसा करना ना भूलें

बहुत से ऐसे पैरेंट्स होते है जो ज्यादातर अपने बच्चों के अचिवमेंट(achievements) को नजरअंदाज करते हैं। आपका बच्चा काफी ज्यादा उम्मीदें लेकर आपके पास आता है। आपको हमेशा उसकी मेहनत को अप्रिशिएट करना चाहिए। उसे दूसरों से कम तुलना करके उसकी मेहनत का फल देना चाहिए। वह बस आपका थोड़ा सा समय आपकी मुस्कान और आपसे थोड़ी सी प्रशंसा चाहता है। यदि आप ऐसा नहीं करते तो यह उसके दिल को काफी ठेस पहुंचा सकता है। इसलिए कभी अपने बच्चे की प्रशंसा करना ना भूलें।

2. बच्चे को ज्यादा जज ना करें(don't judge your child)

हर बच्चा अपने हिसाब से ही अपनी जिंदगी जीना चाहता है। यह सही भी है यदि वह खेलना चाहता है। तो आप उसे ज्यादा जच ना करें। उसे वहीं कर ने दें जो वह असल में चाहता है। दरअसल बच्चे को बार बार उसके कपड़ों के लिए, उसके बालों के लिए, उसके बिहेवियर (behavior)के लिए या उससे जुड़ी चीजों के कारण बार बार जज करने से वह मानसिक रूप से प्रताड़ित होने लगता है।

3. अपने सपने बच्चों पर ना थोंपें

हमने अधिकतर यही देखा है कि बहुत से मां-बाप ऐसे होते हैं जो अपनी जिंदगी में अपने सपने पूरे नहीं कर पाते। तो उन सपनों को वह अपने बच्चों के जरिए पूरा करना चाहता हैं। आपकी सोच गलत नहीं है। लेकिन यह सही भी नहीं है। यदि आपका बच्चा आपके सपनों के साथ जीना चाहता है, आपके सपने पूरे करना चाहता है। तो यह उसकी मर्जी है।लेकिन यदि वह कुछ और करना चाहता है, या अपनी लाइफ में कुछ और बनना चाहता है। तो आप उसे आजादी (freedom)दें। आप अपने सपनों के कारण उसे ज्यादा फोर्स ना करें।


4. बच्चे की तुलना ना करें(comparison)

हमने हमारे आसपास देखा होगा। कि बहुत से मां-बाप हमेशा अपने बच्चों को दूसरों के साथ कंपेयर करते हैं।  देखिए हर बच्चा अपने साथ कुछ क्वालिटीज लेकर जन्म लेता है। उसके अंदर कुछ गॉड गिफ्टेड (God gifted)चीजें रहती है। उसका इंटरेस्ट कुछ विशेष जगह पर रहता है। तो यह आम बात है। यदि आपका बच्चा पढ़ाई में अच्छा नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह स्पोर्ट्स(sports) में भी अच्छा नहीं होगा। और यदि उसका मन इस कोर्स में नहीं है तो हो सकता है वह और किसी चीज में इंटरेस्टेड हो। तो आप अपने बच्चे की तुलना किसी और से ना करके उसकी इच्छा का सम्मान करें।

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