प्रेगनेंसी का समय ऐसा समय है जब शरीर में कई बदलाव आते हैं और साथ ही आपके शिशु का विकास भी जल्दी से होने लगता है। प्रेगनेंसी के दौरान, आपको जी मिचलाना, उल्टी आना, शरीर में दर्द होना, पेट में दर्द होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ठीक इसी तरह प्रेग्नेंट महिलाओं को सोने में भी दिक्कत आती है। यदि आप पहली बार प्रेगनेंसी कंसीव कर रही हैं, तो आपको यह शायद ही पता होगा कि प्रेगनेंसी में किस तरह सोना चाहिए।प्रेगनेंसी सोने का सही तरीका

आइए जानें कि प्रेगनेंसी में सोने का सही तरीका क्या है

क्या प्रेगनेंसी में कम नींद लेने से बच्चे पर कोई असर पड़ता है?

आपके गर्भ में पल रहे बच्चे को पोषक तत्व और ऑक्सीजन की बहुत-ही जरूरत होती है। यदि आप ठीक से नींद नहीं लेती हैं, तो आपके प्लेसेंटा तक ब्लड की सप्लाई पूरी नहीं पहुंचती है। इसका सीधा असर आपके बच्चे पर पड़ सकता है। उसकी हार्ट बीट कम हो सकती है या फिर उसके अंदर खून की कमी भी हो सकती है।

अतः आप इस बात का ध्यान रखें कि आप पूरी नींद लें। एक प्रेग्नेंट महिला को रात में 8 घंटे की नींद तथा दोपहर में भी 2 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

प्रेगनेंसी के समय किस तरीके से सोना चाहिए?

• प्रेग्नेंसी के समय पेट के बल या करवट के बल नहीं सोना चाहिए।

• डॉक्टर्स भी यही सलाह देते हैं कि आपको अपने बाएं हाथ की तरफ करवट लेकर ही सोना चाहिए।

• दाएं हाथ की तरफ करवट लेकर सोने से आपके पूरे गर्भाशय (यूट्रस) का भार आपके लीवर पर पड़ता है।

• यदि आप बाएं हाथ की तरफ करवट लेकर सोते हैं, तो उससे प्लेसेंटा के ज़रिए आपके शिशु को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही ब्लड का सर्कुलेशन भी अच्छा होता है, जो आपके और आपके बेबी के लिए अच्छा होता है।

• सोने के बाद हमें अपनी पोजीशन का ध्यान नहीं रहता है। लेकिन जब भी आपकी आंख खुले, तो आप कोशिश करें कि आप अपने बाएं हाथ की तरफ मुड़ कर ही सोएं।

• इसके साथ ही आप अपने पैरों के बीच में तकिया रखें ताकि आपके पैरों में ब्लड का सर्कुलेशन ठीक से बना रहे।

 

** उपरोक्त जानकारी विभिन्न जगहों से ली गई है। अन्य जानकारी के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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