Tips For PCOS: जानें 5 बीजों के बारे में जो PCOS के लिए हैं वरदान

अलसी के बीज का सेवन करने से महिलाओं के पीरियड्स नियमित रूप से आते हैं। अलसी के बीज हर एक महिला के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अलसी का बीज एस्ट्रोजन के उत्पादन को अनियमित भी करता है। जानें अन्य फायदे इस हैल्थ ब्लॉग में -

Vaishali Garg
17 Jan 2023
Tips For PCOS: जानें 5 बीजों के बारे में जो PCOS के लिए हैं वरदान

Tips For PCOS

Tips For PCOS: सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि पीसीओएस होता क्या है? महिलाओं के अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स का बे समय बंद होना एक तरह से पीसीओएस का ही लक्षण है। अगर आपके मुंह पर बहुत ही ज्यादा मुहासे हो रहे हैं और आपके सर के बाल झड़ रहे हैं। आपके शरीर में अनचाहे बाल उग रहे हैं। इसका मतलब यह है कि आपको पीसीओएस से संबंधित बीमारी हो सकती है। 

PCOS के होने से महिलाओं के अंदर कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। PCOS से ग्रसित महिलाओं को अपने खाद्य पदार्थ पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। उन्हें फ्रूट्स, नॉट, काजू, बदाम आदि का सेवन करना चाहिए और फास्ट फूड से बिल्कुल ही दूर रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि किस प्रकार के बीज खाने से पीसीओएस की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

जानें 5 बीजों के बारे में जो PCOS के लिए हैं वरदान 

1. तिल के बीज

आप सबको सुन कर हैरानी होगी, लेकिन यह सत्य है कि पीसीओएस की समस्या खत्म करने के लिए तिल का सेवन करना बहुत जरूरी होता है। अगर तिल का सेवन आप नियमित रूप से करेंगे तो आप में पीसीओएस का खतरा कम रहेगा। इसके साथ-साथ तिल जो है वह हमारे फैट्स को भी कम करने में काफी ज्यादा मदद करता है।

2. अलसी के बीज

अलसी के बीज का सेवन करने से महिलाओं के पीरियड्स नियमित रूप से आते हैं। अलसी के बीज हर एक महिला के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। अलसी का बीज एस्ट्रोजन के उत्पादन को अनियमित भी करता है।

3. मूंगफली

मूंगफली के सेवन से भी हमें पीसीओएस की समस्या से राहत मिलती है। मूंगफली के सेवन से हमारे पीरियड्स नियमित रूप से आते हैं और हम स्वस्थ रहते हैं। सिर्फ और सिर्फ यही नहीं मूंगफली के सेवन से हमारा केलोस्ट्रोल लेवल भी नियंत्रित रहता है ।

4. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीज पीसीओएस के दौरान बहुत ही ज्यादा मददगार साबित होता हैं। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि सूरजमुखी के बीज का इस्तेमाल जरूर करें। सूरजमुखी के बीज के अंदर एंजाइम्स होते हैं। यह एंजाइम एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन को संतुलित करते हैं। इसके साथ-साथ हमारे केलोस्ट्रोल लेवल को भी नियंत्रित करते हैं।

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