Hormonal Imbalance: क्या आपके हार्मोन असंतुलित हैं? जानें पहचान और सुधार के तरीके

हैल्थ : अकसर महिलाएं हार्मोन असंतुलन से जुड़ी समस्याओं से जूझती हैं। हार्मोन असंतुलन को सही दिनचर्या के जरिए और कुछ चीज़ों को ध्याम में रखकर दूर किया जा सकता है।

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Prabha Joshi
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Hormonal Imbalance

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Harmonal Imbalance: अकसर महिलाओं में हार्मोन असंतुलन की समस्याएं सामने आती है। हमारे शरीर में मौजूद एंडोक्राइन सिस्टम इन हार्मोन्स के पीछे ज़िम्मेदार होता है। एंडोक्राइन सिस्टम में मौजूद ग्लैंड्स कुछ कैमिकल्स रिलीज़ करती हैं जो हार्मोन्स कहलाते हैं। ये ही कैमिकल्स शरीर में मौजूद कोशिकाओं यानि सेल्स, टिश्यूज़ और अन्य अंगों को काम करने के लिए संकेत देते हैं। हार्मोन्स के हमारे शरीर में बिगड़ जाने से बहुत-सी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। 

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Hormonal Imbalance: क्या आपके हार्मोन असंतुलित हैं? जानें पहचान और सुधार के तरीके

क्या होती हैं हार्मोन असंतुलन से जुड़ी समस्याएं

हमारे शरीर में होने वाला विकास, हार्ट बीट रेट, स्वभाव, तनाव, मस्तिष्क संबंधी गतिविधियां, प्रजनन संबंधी प्रक्रियाएं, तापमान, सोना-जागना सब कुछ हार्मोन्स के जरिए होता है। महिलाओं में हार्मोन्स के असंतुलन से दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। हार्मोन असंतुलन में दिखने वाले कुछ लक्षणों में शामिल हैं : नींद का प्रभावित होना, अनियमित पीरियड्स, स्वभाव में बदलाव, हाई या लो बीपी, वज़न का बढ़ना या घटना, सिरदर्द, चेहरे पर सूजन, थकान, बेहोशी, बालों का झड़ना या उन्में कमज़ोरी, आंखों की रोशनी प्रभावित होना, हड्डियों में कमज़ोरी आदि।

कैसे दूर करें हार्मोन असंतुलन की समस्या

हार्मोन असंतुलन आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है। गलत लाइफस्टाइल, तनाव और खानपान की आदतें इसके पीछे बड़ी वजह होती हैं। कुछ सही आदतों को अपनाकर हार्मोनल इंबैलेंस को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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1. सही सोना–जागना

असमय सोने और जागने से शरीर की प्राकृतिक घड़ी (बॉडी क्लॉक) बिगड़ जाती है, जिससे हार्मोन असंतुलन पैदा हो सकता है। इसलिए ज़रूरी है कि समय पर सोया जाए और सुबह सही समय पर उठा जाए। देर रात तक जागना और देर से उठना हार्मोन्स पर नकारात्मक असर डालता है।

2. नियमित व्यायाम करें

व्यायाम करने से शरीर के सभी अंग बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं। इससे शरीर का संतुलन बना रहता है और हार्मोन्स का स्तर भी नियंत्रित रहता है। रोज़ाना हल्का-फुल्का एक्सरसाइज़ भी काफी फायदेमंद हो सकता है।

3. सही और संतुलित डाइट लें

हम क्या खाते हैं, कब खाते हैं और कैसे खाते हैं—इन सभी बातों का सीधा असर हमारे हार्मोन्स पर पड़ता है। समय पर पौष्टिक और प्राकृतिक आहार लेना बहुत ज़रूरी है। ज़्यादा प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचें।

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4. तनाव से दूरी बनाए रखें

अत्यधिक तनाव शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होता है और हार्मोनल इंबैलेंस की एक बड़ी वजह बन सकता है। जो चीज़ें या स्थितियाँ तनाव बढ़ाती हैं, उनसे दूरी बनाना और खुद को मानसिक रूप से शांत रखना ज़रूरी है।

5. योग को जीवन में शामिल करें

योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है। नियमित योग अभ्यास से हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

ध्यान रखें:

हार्मोन से जुड़ी किसी भी समस्या में समय पर डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है। सही समय पर इलाज न मिलने पर समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

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    हार्मोन से जुड़ी किसी भी समस्या में ज़रूरी है सही समय पर डॉक्टर या किसी एक्सपर्ट से बात करें। सही समय पर उपचार न करने से आगे गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। 

    चेतावनी : प्रदान की जा रही जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। कुछ भी प्रयोग में लेने से पूर्व चिकित्सा विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें।

    Harmonal Imbalance हार्मोन असंतुलन