Therapy For Overthinking: क्या है ओवरथिंकिंग? कैसे करें इसका ईलाज?

Apurva Dubey
21 Oct 2022
Therapy For Overthinking: क्या है ओवरथिंकिंग? कैसे करें इसका ईलाज?

व्यस्त जिंदगी के कारण हम अपने आप को समय नहीं दे पाते है। हम अपने दिल की बात किसी के साथ नहीं करते है। अपने मन में ही चीजों के बारे में सोचते रहते है। छोटी- छोटी बातों को लेकर आप चिंतित रहते है। पूरी रात आप बातों के बारे सोचते रहते और उनका मंथन करते है। यह स्थिति आपकी सेहत के लिए हानिकारिक है। इससे आपको इमोशनल डिस्ट्रेस भी हो सकता है।

Therapy For Overthinking

ओवरथिंकिंग का मतलब है ज्यादा सोचना। जब आप किसी बात को लेकर देर तक सोचते रहते है और उसके बारे में चिंता करते है और उस बात के बारे में बुरे से बुरा सोचते है। ऐसी स्थिति को ओवरथिंकिंग बोलते है।ऐसी स्थिति में हर चीज के बारे नेगेटिव और बुरा सोचते है। फिर उसके बारे में आप चिंता करते है।यह डिप्रेशन और चिंता का कारण बनती है।

Therepy for overthinking/ओवरथिंकिंग का इलाज 

1. अपने आप को व्यस्त रखें

ऐसी स्थिति में आप अपने आप को व्यस्त रखें। कोई भी पर्सन तब ही ज्यादा सोचता है जब वह फ्री होता है। फिर वह दूसरे लोगों को देखता है उनको अपने से कंपेयर करता है और अपने आप में कमियां निकालता है। अगर आप अपने आप को व्यस्त रखेंगे तो आप ओवरथिंकिंग से बच सकते हैं आप अपने आप को ऐसे कामों में लगाए जो आपको अच्छे लगते हैं चाहे वह किताब पढ़ना, सिंगिंग, डांसिंग या फिर पेंटिंग करना हो।

2. मेडिटेशन

अगर आपको ओवरथिंकिंग की समस्या है तो आप मेडिटेशन जरूर करें। इससे आपके दिमाग और मन को शांति मिलेगी आप के अंदर से जो नेगेटिविटी है वह बाहर निकलेगी और आप पॉजिटिविटी की तरफ बढ़ेंगे। इसलिए आप दिन में जरूर कुछ समय मेडिटेशन को दें।

3. योग

ओवरथिंकिंग से निपटने के लिए योगा भी एक बहुत अच्छी चीज है आप इसे सुबह भी कर सकते है या शाम को जब भी। आप अपने समय से हिसाब से इसको जरूर करें। इससे भी आपका मन शांत होगा आपके अंदर है सकारात्मकता आएगी। आप खुश रहेंगे और मानसिक सेहत के साथ-साथ आप शारीरिक तौर पर भी स्वस्थ रहेंगे।

4. किसी के साथ बात करें

जब आप को लगता है कि आप चिंतित हो रहे हो या ओवरथिंक कर रहे हैं उसी समय आप किसी से बात करें। अपने अंदर बातों को मत रखे और अकेले मत बैठे। किसी ऐसे पर्सन के साथ अपने दिल की बातों को शेयर करें जिसके साथ आप कंफर्टेबल हो।

5. सोशली एक्टिव

⁠⁠⁠⁠⁠⁠⁠आप घर पर अकेले समय ना बताएं। आप थोड़ा घर से बाहर निकल कर दोस्तों बनाए। उनको मिले और उनके साथ बात करें। कई पर आप घूमने जाने का ट्रिप प्लान करें। इससे भी आप ओवरथिंक नहीं। करोंगे। जितना आप ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ बोलोगे तो उतना कम सोचोगे और आप खुश रहोगे।

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