Toxic Masculinity: मर्दानगी के कारण हो सकते हैं यह 5 बड़े नुकसान

आपने कई बार ऐसे शब्द सुने होंगे कि 'मर्द को दर्द नहीं होता है' या 'बॉयज डोंट क्राइ'। वास्तव में यह ऐसे शब्द है जो कहते हैं कि उनकी मर्दानगी कम नहीं होनी चाहिए।आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नुकसान इस फ़ीचर्ड ब्लॉग के जरिए

Aastha Dhillon
23 Dec 2022
Toxic Masculinity: मर्दानगी के कारण हो सकते हैं यह 5 बड़े नुकसान

Toxic Masculinity

Toxic Masculinity: आपने कई बार ऐसे शब्द सुने होंगे कि 'मर्द को दर्द नहीं होता है' या 'बॉयज डोंट क्राइ'। वास्तव में यह ऐसे शब्द है जिनसे यह साबित होता है कि पुरुषों को हमेशा सख्त रहना चाहिए या दूसरी भाषा में कहें, तो उनकी मर्दानगी कम नहीं होनी चाहिए। पुरुष खुद को हमेशा, बहादुर, असंवेदनशील, तार्किक और निडर पेश करते हैं। बचपन से उन्हें सिखाया जाता है कि वो मर्द हैं और उन्हें किसी भी तरह के इमोशन(emotion) से दूर रहना चाहिए। 
वास्तव में इस मर्दाना रवैये को टॉक्सिक मर्दाना व्यवहार या आसान शब्दों में कहें तो पुरुषों का सख्त व्यवहार कहा जा सकता है। इस तरह के व्यवहार से आपको कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नुकसान इस फ़ीचर्ड ब्लॉग के जरिए

Toxic Masculinity के हो सकते हैं यह नुकसान:

1.एसटीडी(STD) का खतरा

मर्दाना रवैए की वजह से आप यह सोचते हैं कि आप सेक्स के मामले में किसी भी महिला पर हावी हो सकते हैं और इसके लिए आप लापरवाही से सेक्स (sex)करते हैं। इससे आप असुरक्षित यौन संबंध की गिरफ्त में आ सकते हैं जिससे आपको STD का खतरा हो सकता है।

2.मेंटल हेल्थ पर असर

जर्नल ऑफ काउंसिलिंग साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि जो पुरुष प्लेबॉय की भूमिका निभाते हैं उन्हें साइकोलोजिकल प्रॉब्लम्स(psychological problems) का अधिक खतरा होता है। सबसे बड़ी बात ऐसे पुरुष अपनी समस्याओं के लिए चिकित्सीय मदद भी नहीं लेते हैं।

3.महिलाओं के लिए खतरा

यह अक्सर देखा गया है कि ऐसे पुरुष अपने आसपास की महिलाओं की इज्जत नहीं करते। यह मर्दाना व्यवहार उन्हें महिलाओं से ऊपर समझने पर मजबूर करता है और ऐसे में न जाने कितने गलत कदम उठाते हैं वह फिर चाहे उनकी इज्जत ना करना हो या सेक्शुअली डोमिनेट करना।

4.पुरुषों में आत्महत्या का बड़ा कारण

मर्दाना व्यवहार लोगों को अपनी मानसिक समस्याओं के लिए मदद पाने से रोकता है। दूसरी तरफ महिलाएं, परिवार और दोस्तों में भावनात्मक समर्थन मांगती हैं। जाहिर है किसी तरह का सपोर्ट नहीं मिलने की वजह से उनमें आत्महत्या के मामले बढ़ सकते हैं।

5. हृदय स्वास्थ्य के लिए ख़राब

इस तरह के लोग अपने इमोशन को दबाकर रखते हैं। खुद को मर्द साबित करने के लिए इमोशन को बीच में नहीं आने देते हैं। इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। रिसर्च के अनुसार, इमोशन को दबाना हृदय स्वास्थ्य से जुड़ा है।

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