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क्या है PCOS? जानिए इससे जुड़े 10 फैक्ट्स

Published by
Garima Singh

PCOS (Polycystic ovary syndrome ) महिलाओं को होने वाली समस्या है, लेकिन इसके बावजूद ज्यादातर महिलाएँ इस बारे में नहीं जानती हैं। इंडिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 4 महिलाओं में से 1 महिला PCOS से जूझती है। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि महिलाएँ इस बारे में जानें और इससे जुड़े कई मिथ को भी पहचानें। क्या है PCOS?

तो आइए जानते हैं डॉक्टर से कि क्या है PCOS (Polycystic ovary syndrome ) और इनसे जुड़े misconceptions भी क्लियर करते हैं। 

क्या है PCOS ?

पीसीओएस का पूरा नाम Polycystic ovarian syndrome है, जो महिलाओं को असंतुलित hormones की वजह से होती है। यह syndrome ज्यादातर पीरियड के अनियमित होने पर भी हो सकती है जिसकी वजह से महिलाओं को प्रेग्नेंसी में मुश्किल होती है। 

वजन का ज्यादा होना और डायबीटीज होने से भी PCOS होने के चांस बढ़ जाते हैं। अक्सर, ऐसा भी देखा गया है कि PCOS की समस्या उस स्थिति में भी होती है, जब किसी महिला के शरीर में एंड्रोजन अधिक मात्रा में उत्पन्न होता है।

PCOS के लक्षण क्या हैं?

  • पीरियड का सही समय पर न होना
  • पीरियड में काफी ज्यादा ब्लीडिंग होना
  • शरीर के अंगोंं जैसे मुंह, पेट, कमर पर अधिक बालों का उगना
  • मुंहासों(acne) का होना
  • वजन का बढ़ना, आदि।

मिथ: PCOS होने पर मैं प्रेगनेंट नहीं हो सकती

सच: यह सच नहीं है कि कोई भी महिला PCOS होने के बाद प्रेग्नेंट नहीं हो सकती। PCOS होने के बाद भी अधिकांश महिलाएँ अपने दम पर या IVF की मदद से प्रेग्नेंट हो सकती हैं। डाईट और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर और साथ ही साथ रेग्युलर एक्सरसाइज़ से महिलाओं के (ovulation) मे  सुधार हो सकता है और वे प्रेग्नेंट हो सकतीं हैं।

मिथ: (PCOS) में वजन कम नहीं हो सकता

सच: (Pcos) वाली महिलाओं के लिए वजन कम करना मुश्किल है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसा करना असंभव है। आपको अपने फैट ( tissues) को घटाने के लिये नियमित रूप से वर्कआउट करने का प्रयास करना चाहिए। अलग अलग टाइप की डाइट (follow) करना, प्रोटीन पर ध्यान देना और भोजन में केवल थोड़ी मात्रा में अनाज, फल या सब्जियां लेना भी वजन कम करने में काफी मदद करता है।

मिथ: PCOS मेरी गलती की वजह से हुआ है

सच: देखा गया है की बहुत सारी महिलाएँ खुद को इस (syndrome) की वजह से ब्लेम करती हैं। उन्हें लगता है की (PCOS) उनके वजन की वजह से हुआ है, लेकिन यह सच नहीं है। वैसे इसके लक्षण ज्यादातर ज्यादा वजन वाली महिलाओं में देखे गए हैं लेकिन कई बार आपके वजन से कोई फर्क नहीं पड़ता। 

कम उम्र की लड़कियों को भी (PCOS) हो जाता है जबकि उनका वजन नॉर्मल ही होता है। 

मिथ: पीसीओएस का मतलब मैं infertile हूँ

सच: PCOS में महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में प्रॉब्लम हो सकती है, लेकिन इसका इलाज अक्सर आसान होता है। जिन महिलाओं को PCOS होता है और वजन अधिक होता है, वे अक्सर बहुत मामूली वजन घटाने के बाद रेग्युलर रूप से ovulate करना शुरू कर सकती हैं, जिससे प्रेग्नेंसी पॉसिबल है।

PCOS दुबली पतली महिला के साथ नहीं होता है

सच: यह एक मिथ है कि PCOS केवल वजन बढ़ने से होता है और इसलिए केवल(obese महिलाएँ ही अफेक्ट हो सकती हैं। लेकिन अगर कोई महिला दुबली है उन्हें भी irregular पीरियड और PCOS का सामना करना पड़ सकता है।

PCOS में pills लेने में कोई बुराई नहीं है

महिलाएं जो अनियमित या पीरियड को मिस कर रहीं हैं उन्हें PCOS Pills लेने को कहा जाता है। इन pills को लेने में कोई बुराई नहीं है। PCOS pills से आपके testosterone hormone का लेवल भी घट जाएगा। 

परियड्स भी काफी हद तक रेग्युलर हो जाएँगे। यह आपके acne की समस्या भी ठीक कर सकता है। हालांकि, यह pills हर किसी के लिये सही नहीं होते इसलिए इन्हें लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें।

सही लाइफस्टाइल से PCOS को ठीक किया जा सकता है।

जी हाँ, अच्छी डाईट और रेग्युलर एक्सरसाइज से इस बीमारी को काफी हद तक कण्ट्रोल में लाया जा सकता है। अच्छी डाईट से आपके पीरियड भी समय पर आ सकते हैं और PCOS के symptoms जैसे कि testosterone hormone का ज्यादा होना, इसमें भी कमी आ सकती है। 

अपने आप पर ज्यादा प्रेशर ना डालें

कई बार बिल्कुल सही डाइट लेने और रेग्युलर एक्सरसाइज़ करने पर भी PCOS के symptoms वैसे ही बने रहते हैं, ठीक नहीं होते। इसलिये खुद को ब्लेम ना करें और ना ही खद पर इतना प्रेशर डालें। 

PCOS के symptoms को कम किया जा सकता है।

इस सिंड्रोम का इलाज अच्छी तरह से किया जा सकता है और इसके (symptoms) को कण्ट्रोल में लाया जा सकता है, लेकिन इसे पूरी ठीक नहीं किया जा सकता है। अगर मां के पास (pcos) है तो उन्हें अपनी बेटी की रेगुलर हेल्थ चेकअप करवानी चाहिये। 

PCOS एक long term मेडिकल कंडीशन है।

(PCOS) सिर्फ fertility के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक (long term) मेडिकल कंडीशन है। यह भी देखा गया है की (PCOS) होने पर महिलाओं को (type 2 diabetes) और हार्ट प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है। इसलिए यह जरूरी है की आप इसे हल्के में ना लें और अच्छी डाईट के साथ साथ रेगुलर एक्सरसाइज करें।

और पढ़ें: जानिए किस तरह सोनम कपूर PCOD /PCOS से जूझी

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