हर दिन, सुबह-शाम एक ही तेजी से काम करने वाली महिलाएँ, जब अपने mood swings के कारण चिड़चिड़ी, उदास और सुस्त हो जाती है। तो घर का पूरा माहौल भी सुस्ती और उदासी से घिर जाता है। महीने के यह कुछ दिन, महिलाओ के लिए बिल्कुल आसान नहीं होते। पर इससे घबराने की भी बात नहीं, यह सभी महिलाओ में आम होता है। बस, जरूरत होती है तो इन दिनों उनका थोड़ा अधिक ध्यान रखने की।

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क्या होते है mood swings ?

पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले और पीरियड्स के शुरुवाती दिनों में, महिलाओ का मूड बार-बार बदलता रहता है। एक पल को अगर वो अच्छा महसूस करती है, तो अगले ही पल सुस्त भी। और साथ ही कुछ महिलाएँ इन दिनों, बेहद चिड़चिड़ी भी हो जाती है। इसी को आम भाषा में mood swings या Premenstrual syndrome (PMS) कहा जाता है।

क्यों होते हैं mood swings ?

महिलाओ में mood swings का होना, hormones की वजह से होता है। इन दिनों, शरीर में हॉर्मोन्स का उतार-चड़ाव हो रहा होता है। यह हॉर्मोन्स का उतार-चड़ाव menstrual cycle से जुड़ी तमाम प्रक्रियाओ को अंजाम देने के लिए होता है। पीरियड्स होने से ठीक कुछ दिन पहले, oestrogen और progesterone नाम के दो हॉर्मोन्स अपनी तय सीमा से नीचे आ जाते है। और मुख्य कारण बनते है, mood swings का।

कई महिलाएँ खुद को इन दिनों मानसिक और शारीरिक रूप से डगमगाता हुआ भी पाती है। ऐसे में जरूरत होती है, खुद का अच्छा ध्यान रखने की।

  • इन दिनों,  योग को अपने routine का हिस्सा जरूर बनाएँ। इससे मन शांत और एकाग्र रहेगा।
  • गुनगुना पानी पीयें। इससे पेट की मरोड़ से आराम मिलेगा।
  • इन दिनों उन कामों पर अपना ध्यान लगाने की कोशिश करें, जिससे आपको खुशी मिलती हो। आप पेंटिंग,रीडिंग या मूवीज भी देख सकती है।
  • पौष्टिक भोजन समय से जरूर लें। इन दिनों, भोजन में की गई लापरवाही शरीर को काफ़ी नुकसान दे सकती है।
  • अपनों के संपर्क में रहें, खुद को अकेला महसूस न होने दे। जितना हो सके खुद को व्यस्त और मस्त रखें।

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