LGBTQIA Community: जानें किन समस्याओं से जूझ रही हैं LGBTQIA Community

हमारे समाज में LGBTQIA+ लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अड़चनें सिर्फ पिछड़े इलाकों में ही नहीं बल्कि बड़े शहरों में भी देखी जा सकती हैं। जाने ओपिनियन ब्लॉग के माध्यम से किस तरह से घर ना मिलने के साथ-साथ बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है

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Aastha Dhillon
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LGBTQIA+ Community

LGBTQIA Community: भारत आज चाँद तक जा पहुंचा है। उसके पास दुनिया के सबसे बड़े फिल्म उद्योगों में से एक है। भारत की प्रभावशाली उपलब्धियों के बावजूद, जब एलजीबीटी समुदाय को पर्याप्त अधिकार प्रदान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात आती है, तो वे पीछे हट जाते हैं। भारत के कुछ हिस्से समलैंगिकता को एक अप्राकृतिक बीमारी तक मानते हैं जिसे ठीक किया जा सकता है।

जानिए LGBTQIA+ क्या होता है?

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LGBTQIA+ का मतलब लेस्बियन, गे, ट्रांसजेंडर, क्वीर, इंटरसेक्स, Asexual, प्लस अन्य सेक्सुअलिटी जिससे लोग आइडेंटिफाई कर सकते हैं।

LGBTQIA+ Community पर तालिबानियों का आतंक

जैसे कि आपको पता ही है कि अफ़ग़ानिस्तान पर 15 अगस्त को तालिबान ने हमला कर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद से ही आम लोगों को तो परेशानी हो ही रही है लकिन गे, लेस्बियन और ट्रांसजेंडर को और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

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उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही साथ यह भी सामने आया है कि उनके घरों तक को जला दिया गया है।

लेस्बियन कपल के साथ घटित हुआ यह घिनौना कृत्य

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में महिलाओं को बुरी तरह पीटा गया। उनके साथ मारपीट की गई और उनके प्राइवेट पार्ट्स में लोहे की छड़ें डाली गईं, ऐसा दावा किया गया था कि जीवित लोग Homosexual यानी समलैंगिक थे। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी समलैंगिक संबंध स्वीकार्य नहीं हैं और एक बार जब लड़कियों को समलैंगिकों के रूप में लेबल किया जाता है, तो उनका शोषण होने का खतरा होता है। यह संभव है कि दो असहाय लड़कियों का बलात्कार करने का असली इरादा था। 

प्राइड मंथ के रूप में एक मुहिम 

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1999-2000 से अमेरिकी प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन ने जून के महीने को LGBT Pride Month घोषित किया था। तब से लेकर 2016 तक हर प्रेजिडेंट ने यह घोषित किया है। अब यह इतना फ़ैल गया है की जिन देशों में ऐसा कुछ घोषित नहीं होता या हुआ है, वहाँ भी प्राइड मंथ मनाया जाता है। भारत में भी लोग इसे मानते हैं। इस साल फिर से प्रेजिडेंट जो बिडेन ने जून को प्राइड मंथ घोषित किया है। अमेरिका में शुरू यह मूवमेंट अब पूरे विश्व में फ़ैल गया है। 

क्या कहना है एकता कपूर का ?

एकता कपूर ने एलजीबीटी समुदाय के लिए एक स्टैंड लिया और कहानियों के समर्थन और स्वीकृति के लिए भारतीय दर्शकों का धन्यवाद करने का मौका लिया। उसने इन प्रेम कहानियों को सामान्य करने के लिए इंटरनेट से भी पूछा। कपूर ने यह भी कहा, “प्यार हर चीज से परे है। यह उसकी सेक्सुअलिटी से भी परे है। ऐसी ही और कहानियों की हमारे समाज को जरुरत है। 

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