Slut Shaming: आखिर क्यों है लड़कियों पर इतनी रोक-टोक?

लड़कियों को क्या पहनना चाहिए क्या नही, ये सब हमें कोई और क्यो बताएं। मेट्रो में, पब्लिक बसों में और हर जगह लड़कियों को घूरा जाता हैं। जानिए इस ब्लॉग के माध्यम से किस तरह से आज भी छोटी छोटी लड़कियों से लेकर महिलाओं को स्लट शेमिंग का शिकार बनाया जाता है।

Aastha Dhillon
05 Jan 2023
Slut Shaming: आखिर क्यों है लड़कियों पर इतनी रोक-टोक?

Slut Shaming

Slut Shaming: जब महिलाओं को स्लट शेम किया जाता है, तो इसे एक 'हार्मलेस गॉसिप' की तरह माना जाता है, परंतु यह महिलाओं के खिलाफ कई जजमेंट्स और स्टीरियोटाइप्स को बढ़ावा देता है। लालची, मतलबी, बेशर्म औरत आदि कहा जाता है। क्या यह सब पुरुष-प्रधान समाज और उसकी गलत सोच के कारण हुआ है? क्या एक महिला अपनी जिंदगी कैसे जीती है इस पर सवाल करने का हमें हक है? तो कैसे इस Toxic System को तोड़ा जाए या खत्म किया जाए? 

इंडिया में स्लट शेमिंग 

स्लट शेमिंग (Slut Shaming) क्यों है आम बात इंडिया में, उनकी छोटी सोच की वहज से? या फिर उन्हें लगता है की छोटे कपड़ों की वजह से रेप जैसे हादसे होते है। ऐसा कहकर वो अपनी घटिया सोच को ना ही केवल उचित सिद्ध करना चाहते है बल्कि रेप जैसे अपराध का समर्थन भी कर रहे है। हकीकत तो ये है की रेप जैसे घिनौने अपराध बुरखे में, सूट, 60 साल की बुजुर्ग महिला और यहां तक कि 6 महीने या 3 साल की बच्चियों तक के भी होते है। जो इन सब से परे है जिसने अभी दुनिया नही देखी वो खुद इन सबका शिकार बन जाते है। हाल ही में एक्टर्स Urfi Javed पर लोग तंज कसे जा रहे हैं। लड़कियों को क्या पहनना चाहिए क्या नही, ये सब हमें कोई और क्यो बताए। मेट्रो में, पब्लिक बसों में और हर जगह लड़कियों को घूरा जाता हैं, उन्हे जगह तक बदलनी पड़ जाती हैं।

लड़कियों पर विपरीत प्रभाव

लेकिन हमने कभी सोचा है कि स्लट शेमिंग से एक लड़की पर क्या गुजरती है? शारीरिक और मानसिक रूप से उसे किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है? इंटरनेट पर वायरल फोटोस और वीडियोस के कारण कई लड़कियां सुसाइड कर लेती है। उनकी जिंदगी चारदीवारी में कैद हो जाती है। तो सोचने वाली बात है कि हम इस टॉक्सिक कल्चर को कैसे रोक सकते हैं?

आख़िर कब बदलेगी लोगों की सोच ?

सबसे पहले तो महिलाओं को दूसरी महिलाओं के प्रति अपने रवैये को बदलना होगा। जब आप खुद को दूसरों से कंपेयर करना ही बंद कर देंगे तो शायद काफी चीजें आसान हो सकती है। अपने आप से प्यार करें, अपने आप को एक्सेप्ट करें, तो शायद आपको खुद में कोई कमी नजर ही नहीं आएगी। दूसरों का भी वैसे ही सम्मान कीजिए जैसा कि आप दूसरों से अपेक्षा रखती है। 

सोच बदलने का सिलसिला घर से शुरू होता है। अगर हम घर पर ही लड़को से सवाल करें बजाएं लड़की को ये कहने की पूरा ढके हुए कपड़े पहन कर बाहर जाओ, या फिर किसी बड़े के साथ बाहर जाओ। लड़कों को सिखाना ज़रूरी है, किसी भी लड़की या महिला की इज़्ज़त कैसे करनी है। बाहर, घर या ऑफिस कहीं भी अगर कोई मिले जो किसी लड़की के पहनावे पर कॉमेंट कर रहा हो, उसे वही विरोध करना। समान रूप से लड़कियां या महिला को सहयोग देना और आवाज़ उठाना स्लट शेमिंग के खिलाफ़।


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