Things To Teach Your Son: 5 बातें जो हर मां को पता होना चाहिए

पितृसत्तात्मक समाज हमेशा महिलाओं की आवाज, पीड़ा और हर महीने होने वाले पीरियड्स जैसे आम शब्द को अनसुना करता आया है। एक अच्छी मां होने के नाते जानें कैसे अपने बड़े होते बेटे को रूबरू करवाएं इन पांच अच्छी बातों से। जानिए इस फ़ीचर्ड ब्लॉग के माध्यम से

Aastha Dhillon
03 Jan 2023
Things To Teach Your Son: 5 बातें जो हर मां को पता होना चाहिए

Mother with her son

Things To Teach Your Son: हमारे समाज में हर चीज़ औरत को सिखाई जाती है कैसे रहना है, कपड़े पहनना है, शादी में compromise तो करना पड़ता है। वहीं लड़कों की बात करें तो उन्हें कुछ नहीं सिखाया जाता है। हमारे समाज का पूरा ज़ोर लड़कियों को सीखने पर होता है यह मत करों? यहाँ मत जाओ ?  

यदि आपको चाहिए अपने बढ़ते बेटे के साथ अच्छा बोंड तो करें इन टॉपिक्स पर बातें

1.टॉक्सिक मैस्क्युलिनिटी को ना पनपने दें

हमारे समाज में Toxic Masculinity को बहुत बढ़ावा दिया जाता है जैसे कि लड़कों को रोने नहीं दिया जाता। उन्हें कहा जाता है कि तुम लड़की हो जो रोए जा रहे हो। ऐसे ही उन्हें अपने इमोशंस को एक्सप्रेस करने नहीं दिया जाता। जिस कारण वे अपने मन की बात किसी की इसके साथ शेयर नहीं कर पाते। इसीलिए मेंटल इलनेस का शिकार होते हैं। बेटी को अपनी फिलिंग्स एक्सप्रेस करने दीजिए। 

2.सेक्स के बारे में बताएं 

लड़कों को सेक्स के बारे में जानकारी देनी चाहिए। क्योंकि हमारे समाज में जितने भी सेक्स के बारे में शिक्षा मिलती है वह या तो पोर्न साइट से लड़के लेते हैं यहां तो फिर आसपास जो उनके दोस्त हैं आप उनको बता देते हैं। लेकिन असल में वह सेक्स एजुकेशन नहीं होती। बेहतर है आप खुद अपने बेटे से खुलकर सेक्स एजुकेशन पर बातचीत करें।

3. पीरियड के बारे में दें जानकारी 

पीरियड को आज भी समाज हमारे टेबू माना जाता है।इसके बारे में खुलकर बात नहीं की जाती।औरतों को इसके कारण मर्दों से कमजोर समझा जाता है। उनके साथ भेदभाव किया जाता है।पीरियड के दिनों में कुछ घरों या स्थानों में आज भी औरतों को अलग रखा जाता है। पीरियड(Periods) पूरी तरह से नैचरल प्रॉसेस है। इसमें कुछ भी गंदा नहीं है। इसमें  कुछ भी शर्म या अपने आप को नीचे सोचने वाली बात नहीं है। 

4.कन्सेंट (Consent)

कन्सेंट अकेले सेक्स या किसी के साथ फ़िज़िकल होने पर लागू नहीं होती है। ये हर चीज़ पर लागू होती है। अगर आप किसी के साथ बात भी करना चाहते हैं उसमें भी आपको कन्सेंट की ज़रूरत है। 

Respect boundaries.
जब हम कंसेंट की बात करते हैं इसका मतलब होता है कि आप एक जो दायरा है उसकी रिस्पेक्ट करते हैं। हर व्यक्ति की एक लिमिटेशंस होती है और एक बाउंड्री होती है अगर आप उसे क्रॉस करते हैं तो वह गलत होता है। लिमिटेशंस को तोड़कर आगे नहीं जाते बल्कि उनकी रिस्पेक्ट करते है 

5.ना भूलें सेफ सेक्स के बारे में बताना (Safe Sex)

सेफ सेक्स अपनाना बहुत जरूरी है क्योंकि सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) की संख्या में दिन पर दिन बढ़ोतरी हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो दुनियाभर में रोजाना करीब एक मिलियन लोग सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन का शिकार होते हैं। अगर आप कभी अनप्रोटेक्टेड सेक्स करते हैं तो इस संबंध में आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। ऐसी बहुत सी आदतें हैं जिन्हें अपनाकर आप सेफ सेक्स कर सकते हैं और इन समस्याओं से बच सकते हैं।

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