वर्कप्लेस पर Self-Doubt से निकलने के तरीके जानें

वर्कप्लेस पर खुद पर शक करना, खुद को कम समझना या हर समय दूसरों से तुलना करना आपकी ग्रोथ को रोक देता है। आपके अंदर पोटेंशियल होती है लेकिन सेल्फ-डाउट की वजह से आप उसे पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाते।

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Rajveer Kaur
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वर्कप्लेस पर खुद पर शक करना, खुद को कम समझना या हर समय दूसरों से तुलना करना आपकी ग्रोथ को रोक देता है। आपके अंदर पोटेंशियल होती है लेकिन सेल्फ-डाउट की वजह से आप उसे पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे में डिसीजन लेने में दिक़्क़त होती है, हर बार अपने फैसलों पर दोबारा सोचते हैं और गलतियों को लेकर ओवरथिंक करते रहते हैं। परफेक्ट बनने की कोशिश आपको और पीछे धकेलती है। लेकिन सही माइंडसेट और आदतों के साथ आप इसे मैनेज कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे—

वर्कप्लेस पर Self-Doubt से निकलने के तरीके जानें

1. अपनी ताकतों को पहचानें

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अपनी अच्छाइयों और स्ट्रेंथ्स के बारे में जानना बहुत जरूरी है। इसके लिए खुद को एक्सप्लोर करें। आपके पास कौन-सी स्किल्स हैं, आपने अब तक क्या अचीव किया है, किन-किन कामों के लिए आपको तारीफ मिली है। जब आप खुद को पहचानेंगे, तो आपके अंदर यह विश्वास जागेगा कि आप कितने कैपेबल हैं और क्या-क्या कर सकते हैं।

2. तुलना छोड़कर खुद पर ध्यान दें

हर व्यक्ति की जर्नी अलग होती है। दूसरों से तुलना करने के बजाय खुद को हर दिन बेहतर बनाने की कोशिश करें। नए-नए स्किल्स सीखें, कल से आज ज्यादा अच्छा बनने का लक्ष्य रखें। जब आप खुद की प्रगति पर फोकस करेंगे तो आपकी लाइफ और माइंडसेट दोनों बदल जाएंगे।

3. प्रैक्टिस से बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

कॉन्फिडेंस प्रैक्टिस से आता है। चाहे मीटिंग हो, प्रेजेंटेशन हो या इंटरव्यू, आप तैयारी जरूर करें। जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, उतना ही आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और सेल्फ-डाउट कम होता जाएगा। भले ही लोग आपको गलत कहें, लेकिन अगर आपने तैयारी की है तो आपके पास अपने काम को सही साबित करने की क्षमता होगी।

4. सही लोगों का साथ चुनें

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आपके आसपास ऐसे लोग होना जरूरी हैं जो आपकी ग्रोथ को सपोर्ट करें, आपको मोटिवेट करें और आपकी पोटेंशियल की याद दिलाते रहें। गलत कंपनी में रहकर आप हमेशा नेगेटिविटी महसूस करेंगे। इसलिए ऐसे दोस्तों, कोलीग्स या मेंटर्स को चुनें जो आपके लिए एनर्जी बूस्टर बनें।

5. पॉज़िटिव सेल्फ-टॉक करें

नेगेटिव सेल्फ-टॉक आपकी एनर्जी और माहौल दोनों को खराब कर देता है। अगर आप सोचते हैं कि “मैं नहीं कर सकता” तो इसे बदलकर कहें, “मैं कोशिश करूंगा, मैं अपना बेस्ट दूंगा और अगर रिजल्ट वैसा नहीं मिला तो कम से कम मैं कुछ नया सीखूंगा।” यह माइंडसेट आपकी ग्रोथ को आसान बना देगा और आपको सेल्फ-डाउट से बाहर निकालेगा।