Workplace Culture: कैसा वर्कप्लेस कल्चर चाहिए महिलाओं को

वर्कप्लेस में महिलाएं न हो ऐसा कैसे हो सकता है। पर क्या आप जानते हैं महिलाएं अपना वर्कप्लेस का चुनाव बहुत सोच-समझकर करती हैं। आइए जाने इस पर हुए शोध के परिणाम

Prabha Joshi
18 Jan 2023 | अद्यतनित 20 Jan 2023
Workplace Culture: कैसा वर्कप्लेस कल्चर चाहिए महिलाओं को

महिलाएं अपना वर्कप्लेस सोच-समझकर चुनती हैं

Workplace Culture: आजकल महिलाएं भी आर्थिक रूप से संपन्न होना चाहती हैं। ऐसे में वो किसी भी जगह जाकर काम नहीं शुरू करती हैं। महिलाएं भी अपने वर्कप्लेस और वर्ककल्चर सोच समझकर चुनती हैं। उन्हें भी सेवाएं और शर्तें उनके अनुकूल चाहिएं। सेंटर फ़ॉर क्रिएटिव लीडरशिप की माने तो महिलाएं अपने वर्कप्लेस के प्रति बहुत पॉसिसिव होती हैं। उनको ऐसा वर्कप्लेस चाहिए होता है जहां काम कर वह नौकरी के साथ-साथ अपने परिवार को भी समय दे सकें। आइए जाने रिसर्च के दौरान क्या बातें सामने आईं। महिलाएं चाहती हैं उनका वर्कप्लेस हो जो :-

  • पेड लीव दे : अक्सर महिलाओं को बहुत से कारणों के चलते लीव लेनी पड़ जाती है। ऐसे में उन्हें तनख़्वाह कटने का डर रहता है। जिसके कारण वह परेशानी में रहती हैं। ऐसे में महिलाएं उस वर्कप्लेस का चुनाव करती हैं जहां उन्हें लीव लेने के दौरान वेतन कटने जैसे समस्या का सामना न करना पड़े।
  • वर्क फ्राम होम दे : महिलाएं वर्क फ़्राम ऑफ़िस की अपेक्षा वर्क फ़्राम होम को ज़्यादा महत्व दे रही हैं। ऐसे में वे चाहती हैं कि उन्हें काम घर से करना पड़े तो ज़्यादा अच्छा है। घर से काम करने पर वह अपना घर और ऑफ़िस दोनों सही तरह से चला पाती है। उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। 
  • मेडिकल दे : महिलाएं अपनी ज़िंदगी के प्रति ज़्यादा सोचती है। वह उस वर्कप्लेस को महत्व दे रही हैं जहां वर्क के दौरान उन्हें मेडिकल बेनिफ़िट्स भी मिल रहे हैं। इससे उनकी ज़िंदगी सुरक्षित है और उनके परिवार के लिए भी ऐसा वर्कप्लेस अच्छा साबित होता है। 
  • कुछ हटकर करने का मौक़ा दे : महिलाएं बदलाव चाहती हैं। ऐसे में वो जिस वर्कप्लेस का चुनाव करती हैं उसमें वो देखती हैं कि उनके होने का अस्तित्व, उनका मूल्य और वर्क-लाइफ़ बैलैंस बना रहे। वह कुछ नया और हटकर करना चाहती हैं भले ही उन्हें ज़्यादा समय क्यों न देना पड़े। 
  • दे लीडरशिप मौक़े : पुरुषों की तरह ही महिलाएं भी लीडरशिप में अपनी भूमिका देनी चाहती है। वो प्रमोशन और लीडरशिप से जुड़े मौक़े छोड़ना नहीं चाहतीं। हालांकि वर्कप्लेस में काम करने के दौरान जब उनसे इस पर बात की गई तो परिणाम थोड़े अलग आए। ऐसा पता चला कि महिलाएं अपनी क्वालिफ़िकेशन्स के प्रति कान्फ़िडेंट नहीं थीं। उनका ये भी कहना था कि शायद लीडरशिप रोल में उन्हें कोई सपोर्ट न करे जिससे उन्हें फ़ेल्योर का सामना करना पड़े। 

इसके साथ ही काम की फ़्लैक्सिबिलिटी भी महिलाओं के लिए एक अहम् मुद्दा है। जहां महिलाओं को उनके वर्क के प्रति समय बाधा नहीं होती, महिलाएं उससे जुड़ना चाहती हैं। 

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