Women in Startups: स्टार्टअप्स की ओर अग्रसर महिलाएं

आजकल के युग में जहां स्टार्टअप्स एक के बाद एक आए जा रहे हैं। हम यह मान लेते हैं कि हर स्टार्टअप को चलाने वाला कोई पुरुष ही होगा| आइए जानते हैं इन स्टार्टअप्स के बारे में इस इंस्पिरेशन ब्लॉग में-

Aastha Dhillon
07 Dec 2022
Women in Startups: स्टार्टअप्स की ओर अग्रसर महिलाएं

Women running startups

Women in Startups: स्टार्टअप्स की ओर अग्रसर महिलाएं

आजकल के युग में जहां स्टार्टअप्स एक के बाद एक आए जा रहे हैं। हम यह मान लेते हैं कि हर स्टार्टअप (Startup) को चलाने वाला कोई पुरुष ही होगा, हमारी छवि ही ऐसी बन चुकी है कि हम यह सोच ही नहीं सकते कि कोई महिला भी अपना बिजनेस कर सकती है एवं उसे बड़े लेवल पर ले जा सकती है। हाल ही में आए शो शार्क टैंक इंडिया में हमने देखा की कैसे महिलाएं भी अपने बिजनेस को प्रमोट एवं उसे बड़े लेवल पर ले जा रही हैं। हमने देखा कि नमिता थापर, गजल अलग, विनीता जैसे विभिन्न महिलाएं जो बिजनेस टायकून बन चुकी है वे और भी महिलाओं को प्रोत्साहित एवं दिशा दिखाती हैं।

आइए जानते हैं कुछ स्टार्टअप्स के बारे में जिनकी फाउंडर महिलाएं थी:

MyDala - अनीशा सिंह

Shop clues - राधिका घई अग्रवाल

Mobikwik - उपासना टाकू

yatra .com - सबीना चोपड़ा

Infibeam - नीरू शर्मा

ऊपर लिखे स्टार्टअप्स मे तो केवल कुछ ही महिलाएं हैं परंतु न जाने हमारे देश में ऐसे कितने ही स्टार्टअप है, जिन की शुरुआत किसी महिला ने की थी। महिलाओं का स्टार्टअप्स या बिजनेस की तरफ रुझान हमारे समाज एवं हमारे देश दोनों के लिए ही बहुत अच्छा है। हमारे समाज में इससे यह प्रेरणा जाती है कि महिलाएं भी अपने बल पर बिजनेस कर सकती हैं और इसका उदाहरण हमें देखने को मिलता है जब हम किसी छोटे लेवल पर किसी महिला को अपना बिजनेस करते देखते हैं, तो वही देश में यदि महिलाओं के द्वारा चलत बिजनेस की संख्या बढ़ेगी तो उससे GDP एवं employment भी बढ़ेगा।

Shark tank India से मदद

यूं तो स्टार्टअप्स एवं बिजनेस पहले भी हो रहे थे परंतु Shark tank India के आने के बाद से इनकी तरफ रुझान बहुत तेजी से बढ़ा है, इसके माध्यम से महिलाएं स्वावलंबी एवं नए पथ पर चलने के लिए तैयार हैं, हमने शो में यह जाना कि कैसे मां बेटी, सास बहू, ननंद-भाभी जैसे रिश्तो में रहकर भी महिलाएं अपना बिजनेस चला रही है वही नाह्म्या, ईसक जैसी कंपनियां जिन्हें महिलाओं ने इतना बड़ा बना दिया है।

स्वावलंबी बनती महिलाएं

यह महिलाओं की कॉन्फिडेंस एवं डेवलपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है| स्टार्टअप या बिजनेस करने से महिलाओं को खुद पर कॉन्फिडेंस एवं समाज की बेड़ियों से निकलने के लिए लाभदायक है| इन बढ़ते कदम को रोका नहीं जाना चाहिए एवं आगे बढ़ते जाना चाहिए क्योंकि यह कहा गया है ना, हर सक्सेसफुल आदमी के पीछे एक महिला होती है तो अब बारी है खुद महिलाओं के सक्सेसफुल होने की।

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