क्या आपको ज़्यादा Period cramps (पीरियड्स में होने वाला दर्द) होते है? अगर नही, तो आपने जरूर उन लड़कियों को जो बहुत ज़्यादा Period cramps की शिकायत करती हैं, कहा होगा कि “अरे यार इतना भी ओवररिएक्ट मत कर।” लेकिन क्या आपको पता भी है कि आपका यह कहना कितना ज्यादा गलत हैं? अगर आप लड़की होकर Period cramps नही समझ सकती तो हम बाकी लोग से इसे समझने की क्या ही उम्मीद कर सकते हैं।

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डॉक्टर्स महिलाओं को ‘Malingerers’ क्यों कहते हैं?

Period pain सिर्फ Period pain ही नही बल्कि औरतों का दर्द है जिसे कभी समझा ही नही जाता। 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार यह पता चला है कि डॉक्टर्स महिलाओं को ‘Malingerers’ कहते हैं। ‘Malingerers’ का मतलब वो लोग जो दिखावटी दर्द का बहाना करते हैं। इस सच को नज़रअंदाज़ करते हुए कि महिलाओं को मर्दों से ज़यादा दर्द होता है।

आखिर महिलाओं के दर्द को क्यों नही समझा जाता? इसका जवाब देते हुए डॉ तान्या कहती हैं कि दवाईयों की दुनिया में महिलाओं के शरीर को ठीक से समझा नही गया है। इतिहास की बात बतातें हुए तान्या ने कहा कि पहले के समय में Male physicians को महिलाओं के शरीर के बारें में पूरी तरह से जानने के लिए अलाउ नही किया जाता था। इस वज़ह से महिलाओं की बीमारी के बारें में डॉक्टर्स ठीक से जान ही नही पाएं। इसका रिज़ल्ट यह रहा कि अधिकतर महिलाओं की समस्या को डॉक्टर्स द्वारा ‘Hysteria(व्‍यक्ति की अपनी भावनाओं पर नियंत्रण खो बैठने की दशा) ‘का नाम दे दिया गया। सिरदर्द हुआ तो Hysteria, पेट दर्द हुआ तो Hysteria।

जानकर अज़ीब लग रहा है न? लेकिन यही सच्चाई है। महिलाओं के शरीर को ठीक से जाना नही गया न समझा गया और बस यूं ही कुछ भी नाम दे दिया गया। ऐसे बहुत कम ही चांस होते हैं जब आपको दर्द को एक Male physicians द्वारा समझा जाए।

अधिकतर महिलाओं की समस्या को डॉक्टर्स द्वारा ‘Hysteria(व्‍यक्ति की अपनी भावनाओं पर नियंत्रण खो बैठने की दशा) ‘का नाम दे दिया गया। सिरदर्द हुआ तो Hysteria, पेट दर्द हुआ तो Hysteria।

Period cramps से जुड़े रिसर्च भी काफी कम हैं। इस दर्द को समझाते हुए एक डॉक्टर ने कहा था कि Period Pain, Heart Attack के दर्द जितना खतरनाक है फिर भी इसके इलाज़ के लिए कोई रिसर्च तक नही किया जा रहा है। यहां तक की वर्किंग महिलाओं को Period leaves भी नही मिलते। रिपोर्ट के अनुसार 1/4 महिलाओं को हद से ज्यादा Period Pain होता है। हर साल 23 लाख के आस-पास लड़कियां Period शुरू होने पर स्कूल छोड़ देती हैं।

महिलाओं को ज़रूरत है कि वो अपने शरीर का खुद अच्छे से ख्याल रखें और डॉक्टर्स से अपने ट्रीटमेंट का समय-समय पर जानकारी लेते रहें।

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