Sexual Assault, Abuse And Rape: क्या घर पर रेप और सेक्सुअल असॉल्ट के केस के बारे में बताने से आपकी फ्रीडम छीन जाती है

Sexual Assault, Abuse And Rape: क्या घर पर रेप और सेक्सुअल असॉल्ट के केस के बारे में बताने से आपकी फ्रीडम छीन जाती है Sexual Assault, Abuse And Rape: क्या घर पर रेप और सेक्सुअल असॉल्ट के केस के बारे में बताने से आपकी फ्रीडम छीन जाती है

SheThePeople Team

18 Oct 2021


यदि आप सेक्स के लिए सहमति नहीं देते हैं और कोई आपको कुछ सेक्सुअल करने के लिए मजबूर करता है, तो यह सेक्सुअल असॉल्ट, एब्यूज और रेप माना जाता है। आज के समय में हर दिन नए केस सेक्सुअल एब्यूज और रेप के आते हैं जो बेहद ठेस पहुंचाते हैं। एक महिला इस प्रकार के सेक्सुअल एब्यूज सड़क पर, घर पर, पार्टी में, ऑफिस में अनुभव करती है जिसके बारे में महिलाएं अक्सर बात करना पसंद नहीं करती। 

क्या होता है सेक्सुअल एब्यूज और रेप? 

सेक्सुअल एब्यूज मतलब किसी भी प्रकार का सेक्सुअल कॉन्टैक्ट बिना सहमति के। जब कोई आपको बल का प्रयोग करते हुए यां भावनात्मक उपयोग करते हुए आपको किसी भी प्रकार की सेक्सुअल एक्टिविटी के लिए मजबूर करें। रेप तब होता है जब कोई आपको सेक्स संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है। रेप का अर्थ आमतौर पर शरीर के किसी अंग या वस्तु द्वारा वेजाइना, ऐनल यां ओरल पेनेट्रेशन के लिए मजबूर करना होता है। 

किन कारणों की वजह से बच्चे अपने माता पिता से बात नहीं कर पाते

बहुत से बच्चे जो सेक्सुअल एब्यूज का सामना करते हैं वो किसी को अपनी स्तिथि के बारे में बताना नहीं चाहते यां थोड़े समय बाद बताते हैं और ये काफी सामान्य है क्योंकि इसके कुछ कारण हैं।

1. हमारे समाज में गलत हमेशा बच्चो को समझा जाता है और इन घटनाओं के बाद उनके साथ अलग तरह से पेश आते हैं। कुछ लोग अपनी बेटियों को अकेले बाहर जाने से रोकते हैं, शाम के समय बाहर जाना बंद कर देते हैं, उसकी फ्रीडम छीन ली जाती है।

2. आज भी जब कुछ ऐसा होता है तो सबसे पहले पूछते हैं की तुमने पहना क्या था। क्योंकि हमारे समाज की इस चोटी सोच को आज तक कोई बदल नहीं पाया की एक लड़की के कपड़े, मेकअप किसी भी प्रकार का हिंट यां सहमति नहीं देते। 

3. बच्चे इस बारे में जानते नहीं हैं कि इसके बारे में माता पिता यां किसी अपने से कैसे बात करें क्योंकि हमारे भारतीय समाज में बच्चो को वह स्पेस नहीं मिल पाया जिसमे वो कंफर्टेबल होकर अपनी बात को रख सकें और अपना पक्ष बता सकें। 

4. जब एक बच्चा अपने माता पिता को बताने जाती है तो उसे लगता है की इसके बारे में कुछ भी नही किया जाएगा लेकिन फिर भी वो माता पिता को बताती है तो ज्यादातर पेरेंट्स उन्हे कुछ दिन के लिए घर पर रहने को कहते हैं ताकि मोहल्ले में किसी को भनक न हो। 

अपने बच्चे का साथ कैसे देना चाहिए? 

सबसे पहले अपने बच्चे को नोटिस करें क्या आपका बच्चा आपसे कुछ छुपा रहा है यां अलग बरताव कर रहा है तो उनसे बात करें जो बहुत कम माता पिता करते हैं। क्योंकि हमारे समाज में माता पिता कभी अपने बच्चो के दोस्त नहीं बन पाए जिसकी वजह से बच्चे अक्सर अपनी बात को और अपने साथ होते इन दुष्ट चीजों के बारे में बता नहीं पाते। अगर आपका बच्चा आपको उसके साथ हुए सेक्सुअल एब्यूज के बारे में बताता है तो यह सब करें। 

1. उन्हे थोड़ा समय दे। किसी भी प्रकार का दबाव न दे क्योंकि इसे उनकी मानसिक स्थिति पर और असर पड़ेगा जिसके परिणाम काफी घातक हो सकते हैं। 

2. अपने बचे का साथ दें। ऐसी स्थिति में अपने बच्चे की ताकत बनें और उनके लिए जो सही है वो करें। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं, उन्हे डॉक्टर के लेकर जाएं और उनका हौसला बढ़ाएं क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।


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