आपने एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis hindi) के बारे में शायद ही सुना होगा, लेकिन यह एक ऐसी स्थिति है जिससे भारत में कई महिलाएं पीड़ित हैं। एंडोमेट्रियोसिस गर्भाशय (Uterus) में होने वाली समस्‍या है। जिसमें एंडोमेट्रियल टिशू में असामान्य बढ़ोतरी होने लगती है और वह गर्भाशय से बाहर फैलने लगती हैं। यह Stomach या pelvic area में फस सकता हैं। आइये जानते है एंडोमेट्रियोसिस क्या होता हैं और इससे सम्बंधित अन्य ज़रूरी पहलू।

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एंडोमेट्रियोसिस कुछ महिलाओं के लिए बेहद दर्दनाक हो सकता है। कभी-कभी Polycystic Ovarian Syndrome (PCOS) एंडोमेट्रियोसिस में भी प्रगति कर सकता है। इसलिए, अपने gynaecologist द्वारा इसका चेक-अप कराना सबसे ज़रूरी हैं।

एंडोमेट्रियोसिस के बारे में 5 बातें जो सभी महिलाओं को पता होनी चाहिए :

1. एंडोमेट्रियोसिस कॉमन प्रॉब्लम है

हालाँकि ज़्यादातर महिलाओं को पता ही नहीं है कि एंडोमेट्रियोसिस क्या होता हैं , लेकिन ये काफ़ी कॉमन प्रॉब्लम हैं। Katrina Kaif, Celina Jaitley, Dolly Parton, Lena Dunham जैसे सेलेब्रिटीज़ भी किसी वक़्त में इस प्रॉब्लम को फेस कर रहे थे। एंडोमेट्रियोसिस के बारे में बहुत अधिक जानकारी और जागरूकता नहीं है जैसे polycystic ovarian syndrome के बारे में लोगों को पता हैं।

2. लक्षण दर्दनाक हो सकते हैं:

हर समय थका हुआ महसूस होना ,पीरियड्स के दौरान ज़्यादा क्रैम्प्स आना ,सेक्स करते वक़्त दर्द होना, जांघो (thighs) में दर्द होना, पेट, हिप्स और कमर में दर्द होना इसके लक्षण हैं। इसमें कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान इतना पेन होता है कि उन्हें ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती हैं।

3. निदान (Diagnosis) मुश्किल हो सकता है:

आपका डॉक्टर आपसे बात करेगा, आपके लक्षणों को सुनेगा, और आपके दर्द के बारे में पूछेगा। डॉक्टर आपके शरीर के अंदर देखने के लिए एक imaging test करता हैं। अल्ट्रासाउंड ,MRI ,ब्लड टेस्ट के ज़रिये इसका पता लगता हैं। एंडोमेट्रियल cyst की जांच करने का एक और तरीका लैप्रोस्कोपी (laparoscopy) के माध्यम से है। इस आउट पेशेंट सर्जरी के दौरान, डॉक्टर आपके बैली बटन में एक छोटा चीरा (कट) लगाएगा और एक पतला कैमरा डालेगा। इससे cysts करीब से दिखता है, फ़िर यह तय किया जाता है कि इलाज कैसे किया जायेगा।

4. कोई इलाज नहीं है

एंडोमेट्रियोसिस का कोई पक्का इलाज नहीं हैं। फ़िलहाल दवाओं या सर्जरी के ज़रिये इसका इलाज किया जाता है। डॉक्‍टर इबूप्रोफेन या नैप्रोक्‍सेन जैसी दर्द निवारक दवा लेने के लिए कह सकते हैं।लेकिन अगर इन दवाओं से दर्द कम नहीं होता है तो डॉक्‍टर से अन्‍य विकल्‍पों के बारे में पूछें। एक्सरसाइज , प्रॉपर रैस्ट , कभी-कभी गर्म पानी से नहाने, गर्म सिकाई से भी आराम मिल जाता है। कई बार प्रभावित टिश्‍यू को निकालने के लिए डॉक्‍टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

5. डॉक्टरों को पता नहीं है कि ऐसा क्यों होता है:

महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस क्यों होता है इसका कोई कारण नहीं हैं। यह कुछ ऐसा है जो बस होता है। इस विषय पर बहुत सारे रिसर्च चल रहे हैं, और डॉक्टर इस बीमारी के बेहतर इलाज की उम्मीद कर रहे हैं।

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