Advertisment

Investment Vs. Savings: इन्वेस्टमेंट और सेविंग्स में है बड़ा अंतर

blog | finance: हमारे पेरेंट्स एक ऐसी पीढ़ी से है जिनके लिए पैसे बचाना और पैसे इन्वेस्ट करना एक समान है। आइए आज हम आपको बताते हैं वो कहां अपने पैसों को सुरक्षित तरीके से रख सकते हैं

author-image
Aastha Dhillon
New Update
Aastha

Start investing

Investment Vs. Savings: हमारे पेरेंट्स एक ऐसी पीढ़ी से हैं जिनके लिए पैसे बचाना और पैसे इन्वेस्ट करना एक समान है। परंतु ऐसा बिल्कुल नहीं है। यदि पैसों को बचाने की बात करें तो केवल बैंक के अंदर पैसे रखने से भी पैसे बच सकते हैं परंतु यदि हमें उन्हें निवेश करना होगा तो हमें स्टॉक मार्केट, म्यूच्यूअल फंड्स जैसे कदम लेने होंगे। ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उन्हें इसके बीच का फर्क समझाएं और बताएं कि वे अलग-अलग जगह पर अपने पैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं। आइए आज बात करते हैं हम अपने पैसों को कहां इन्वेस्ट कर सकते हैं।

Advertisment

चाहते हैं पैसे इन्वेस्ट करना, शुरू यहां से करें 

स्टॉक मार्केट में 

Advertisment

पैसा इन्वेस्ट करने के लिए स्टॉक मार्केट बहुत ही सरल और असरदार तरीका है। स्टॉक मार्केट में अलग-अलग कंपनियों के अंदर अपना पैसा निवेश कर सकते हैं। यहां आप उनके शेयर में पैसा निवेश करते हैं। स्टॉक मार्केट में पैसा निवेश करके आप उस कंपनी में अपनी ओनरशिप ले लेते हैं जिससे आपका उस कंपनी पर मालिकाना हक होता है।

कर्ज में पैसा निवेश करके

हमें यह सुनकर बहुत अजीब महसूस होता है की यह भी एक पैसा निवेश करने का साधन है। परंतु असल बात यह है कि बड़ी बड़ी कंपनी भी पैसे की जरूरत महसूस करती हैं। यहां तक हमारी गवर्नमेंट भी लोगों से उधार मांगती है। और ऐसे पैसों की रिक्वायरमेंट के लिए गवर्नमेंट और कंपनियां लोगों से पैसे उधार लेती है जिनके ऊपर फिक्स्ड इंटरेस्ट उन्हें मिलता है।

Advertisment

Mutual funds (म्यूच्यूअल फंड्स)

म्यूच्यूअल फंड से संबंधित एड्स हमने अक्सर टीवी पर देखी होती हैं परंतु हमें यह जानने की जरूरत है कि हम इनमें भी पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं। म्यूच्यूअल फंड्स SIP करवा कर अपना पैसा निवेश कर सकते हैं। और यह पैसा हमें धीरे-धीरे जुड़कर कंपाउंडिंग (Compounding) की मदद से अंत में एक भारी रकम देगा।

कितना पैसा करना चाहिए Invest?

Advertisment

इस टेक्निक में हमें अपने खर्चों को हमारी जरूरत (Needs), हमारी इच्छा (Wants) और हमारी लालसा (Desires) में बांटना चाहिए। हमें अपनी इनकम के 50% भाग को हमारी जरूरत की चीजों पर खर्च करना चाहिए जिसमें हमारे रेंट, हमारे खाने का खर्चा तथा हमारे इंपॉर्टेंट बिल्स आते हैं जिन्हें हम इग्नोर नहीं कर सकते। उसके बाद 30% भाग को हमें हमारी इच्छा की चीजें जैसे entertainment और eating एवं outing में खर्च करना होता है। शेष 20% भाग को हमें बचाना होता है। 

image widget
investment म्यूच्यूअल फंड्स इन्वेस्ट Savings mutual fund
Advertisment