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First Women: जानिए सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया की पहली महिला जज Fatima Beevi के बारे में

भारतीय सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज फातिमा बीवी का जीवन बेहद ही प्रेरणादायक है। फातिमा बीवी सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया की पहली महिला जज थीं। वह देश में उच्च न्यायालय की सीट पर नियुक्त होने वाली पहली मुस्लिम महिला भी थीं।

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Ritika Negi
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First Female Judge of Supreme Court of India.

Fatima Beevi (Image Credit: Times of India)

First Women: भारतीय न्यायिका और भारतीय सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश फातिमा बीवी का जीवन बेहद ही प्रेरणादायक है। फातिमा बीवी सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया (Supreme Court of India) की पहली महिला जज थीं। 1989 में, फातिमा बीवी सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली देश की पहली मुस्लिम महिला के रूप में सामने आईं और उस पद पर पहली महिला न्यायाधीश के रूप में इतिहास रचा। उन्होंने 1997 से 2001 तक राज्यपाल के रूप में तमिलनाडु का नेतृत्व किया।

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न्यायपालिका से अपने इस्तीफे के बाद, उन्होंने 1997 से 2001 तक नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन में कमिशनर और भारतीय राज्य तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। 2023 में, उन्हें केरल सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च सम्मान केरल प्रभा पुरस्कार मिला।

फातिमा बीवी का करियर (Career of Fatima Beevi)

फातिमा बीवी 1950 में एक रजिस्टर्ड एडवोकेट बनीं, उसी वर्ष उन्होंने बार काउंसिल की परीक्षा जीती। उन्होंने केरल की लोवर ज्यूडिशियरी में अपना करियर शुरू किया, मई 1958 में एक मुन्सिफ के रूप में कार्य किया। उन्होंने रैंक के माध्यम से प्रगति की, 1968 में सबोर्डिनेट जज, 1972 में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और 1974 में डिस्ट्रिक्ट और सेशन न्यायाधीश (Judge) बनीं। 

बीवी को 14 मई, 1984 को उच्च न्यायालय का परमानेंट जज नामित किया गया था। उन्होंने 29 अप्रैल, 1989 तक इस पद को संभाला। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया, जहां वे 29 अप्रैल, 1992 तक रहीं, अपने रिटायरमेंट तक। 25 जनवरी, 1997 को बीवी ने तमिलनाडु के राज्यपाल का पद ग्रहण किया। बाद में वे मद्रास विश्वविद्यालय की चांसलर बन गईं। लेकिन विवाद के कारण बीवी का राज्यपाल के रूप में कार्यकाल जल्दी समाप्त हो गया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उनसे पद छोड़ने का आग्रह किया क्योंकि उन्होंने निष्पक्षता के साथ अपनी कांस्टीट्यूशनल ड्यूटीज का पालन नहीं किया, विशेष रूप से एम. करुणानिधि और टी. आर. बालू की गिरफ्तारी के दौरान, जिसने केंद्र सरकार को नाराज कर दिया।

भारत के उच्च न्यायालय ने फातिमा बीवी के जयललिता को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री नियुक्त करने के फैसले को पलट दिया। न्यायालय ने निर्णय दिया कि राज्यपाल किसी गैर-विधायक को मुख्यमंत्री के रूप में नामित नहीं कर सकते हैं और राज्यपाल को कानून और संविधान का पालन करना होगा। 23 फरवरी, 2023 को 96 वर्ष की आयु में फातिमा बीवी का निधन हो गया।

Fatima Beevi Judge First Women Supreme Court of India
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