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Unveiling Fitness Myths: 5 फिटनेस संबंधित मिथकों की सच्चाई को जानें

फिटनेस के बारे में लोगों के मन में कई मिथक हैं। एक ऐसा मिथक है कि खाली पेट एक्सरसाइज से वजन कम होता है, जबकि यह वास्तव में गलत है। योग का भी कुछ लोग मानते है कि ये अप्रभावी हैं। सही जानकारी के साथ, हम स्वस्थ और फिट जीवनशैली को अपना सकते हैं।

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Dibya Debasmita Pradhan
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Women Fitness(freepik)

(Image Credit : Freepik)

Unveiling Fitness Myths: नियमित व्यायाम करने से हमारे शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होती है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है, मसल्स को हेल्दी रखता है और हृदय स्वास्थ्य को सुधारता है लेकिन फिटनेस के दुनिया में, मिथक और ग़लतफहमियाँ बहुत हैं, जो अक्सर लोगों को एक स्वस्थ जीवनशैली की तलाश में भटका देती हैं। इन्ही मिथकों के कारण हम हेल्थ और फिटनेस के लिये सही निर्णय नहीं ले पेट हैं। प्रॉपर फिटनेस को अपनाना हमारे जीवन के लिए एक ज़रूरी कदम है जो हमें स्वस्थ और खुशहाल जीवन की ओर ले जाता है।

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Debunking 5 Common Fitness Myths: इन्ह 5 मिथ्स को ना करें फॉलो

1. एक्सरसाइज से पहले भूखा रहना वजन घटाने का समाधान है (fasting = fitness)

ज्यादातर लोग वास्तव में इस मिथक को मानते हैं कि खाली पेट एक्सरसाइज करने से वजन कम होगा। हमें सिखाया गया है कि हमें किसी भी गतिविधि को करने के लिए ऊर्जा (ग्लूकोज) की आवश्यकता होती है। खाली पेट काम करने से चक्कर आना, थकान और व्यायाम की तीव्रता कम हो जाती है, अधिकांश समय लोग वर्कआउट के बाद उचित भोजन नहीं लेते हैं जो मांसपेशियों की मरम्मत में बाधा डालते हैं।

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2. आपको अधिक पसीना बहाने की जरूरत है (you need to sweat more)

व्यायाम के दौरान आपको जितना पसीना आता है वह वास्तव में इस बात का संकेतक नहीं है कि आप कितनी कैलोरी कम कर हैं या आप कितनी मेहनत कर रहे हैं। पसीना मुख्य रूप से आपके शरीर के नेचुरल कूलिंग मैकेनिज्म के रूप में कार्य करता है। लगातार व्यायाम, उचित पोषण और समग्र फिटनेस दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण में योगदान करती है, भले ही आपको कितना भी पसीना आता हो।

3. फैट और कार्बोहाइड्रेट बहुत असरदार नहीं है (Fats and carbs are not much effective)

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एक सामान्य मिथ है कि पोषण के मामले में प्रोटीन के मुकाबले वसा और कार्बोहाइड्रेट कम प्रभावी हैं। वास्तव में, सभी तीन मैक्रोन्यूट्रिएंट्स एक संतुलित आहार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फैट आवश्यक फैटी एसिड प्रदान करते हैं और विटामिन को अब्ज़ॉर्ब करने में मदद करते हैं, जबकि कार्बोहाइड्रेट प्राथमिक ऊर्जा स्रोत होते हैं। स्वस्थ फैट, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स और लीन प्रोटीन्स को शामिल करना समग्र स्वास्थ्य और भले स्वास्थ्य के लिए कुंजी है। विभिन्न प्रकार के हेल्दी फैट, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स और लीन प्रोटीन को शामिल करना ओवरॉल हेल्थ और वेल-बीइंग के लिए महत्वपूर्ण है।

4. लंबे समय तक वर्कआउट करना ज्यादा फायदेमंद होता है (Longer workouts are more beneficial)

 यह धारणा कि लंबे समय तक वर्कआउट हमेशा अधिक फायदेमंद होता है, वास्तव में एक मिथक है। वास्तव में, व्यायाम की मात्रा से अधिक उसकी गुणवत्ता मायने रखती है। छोटे, केंद्रित वर्कआउट जिनमें उच्च तीव्रता के अंतराल शामिल हैं, उतने ही प्रभावी हो सकते हैं। चाहे सुबह हो या शाम, समय से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है।

5. योग प्रभावी तरीका नहीं है (Yoga is not effective method)

लोग आमतौर पर सोचते हैं कि वजन कम करने और बल्कि मसल्स के लिए योग अप्रभावी तरीका नहीं होता है। वास्तव में, योग शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है, जिसमें फ्लेक्सिबिलिटी,स्ट्रेंथ, बेलेंस और स्ट्रेस रिडक्शन में सुधार लाता है। कई स्टडीज़ से पता चला है कि नियमित योग अभ्यास समग्र कल्याण को बढ़ा सकता है, जिसको आप अपने फिटनेस रूटीन में शामिल कर सकते हैं।

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