Budget Session 2023: सरकार की सफलता नारी सशक्तिकरण : राष्ट्रपति

न्यूज़ : आज से बजट सत्र 2023 प्रारंभ हो गया है। बजट सत्र की शरुआत में राष्ट्रपति ने सरकार की सराहना अपने अभिभाषण से की। बदलते भारत की नारी सशक्तिकरण को संबोधन में स्थान दिया।

Prabha Joshi
31 Jan 2023
Budget Session 2023: सरकार की सफलता नारी सशक्तिकरण : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों को किया संबोधित

Budget Session 2023: भारतीय संसद का बजट सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। शुरुआत राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। ये अभिभाषण दोनों सदनों को संयुक्त रूप से दिया गया। बता दें, देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई जनजातीय समुदाय का व्यक्ति राष्ट्रपति के रूप में है। राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू ने अपने भाषण में मौज़ूदा सरकार की सराहना करते हुए उसकी मुख्य सफलताएं गिनाईं। इसके साथ ही राष्ट्रपति मूर्मू ने मौजूदा सरकार में महिलाओं की स्थिति पर भी प्रकाश डाला। 

सरकार की सबसे बड़ी सफलता है महिला सशक्तिकरण

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की जो सबसे बड़ी सफलता है वो है—महिला सशक्तिकरण। अपनी बात को बल देते हुए राष्ट्रपति मूर्मू ने 100 वर्ष पले की उड़िया कवियित्री उत्कल भारती की कविता 'नारी शक्ति' सदन में पढ़ी। उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं किसी से कमतर और कमज़ोर नहीं। उनकी अमर महिमा विश्व में हमेशा क़ायम रहेगी। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब जनसंख्या के स्तर पर महिलाओं की संख्या ने पुरुषों की संख्या को पछाड़ दिया है। 

राष्ट्रपति मुर्मू ने मौजूदा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि आज उनकी सरकार महिलाओं के उद्धार के लिए पुरानी परंपराओं और रिवाजों को तोड़ते हुए आगे आई है। उनकी सरकार ने महिलाओँ की ज़िंदगी आसान बनाई है। ये सब महिलाओं को नए रोज़गार के मौक़े देकर, नए स्व-रोज़गार को बढ़ावा देकर और महिला सशक्तिकरण को बल देकर किया है। राष्ट्रपति मूर्मू ने कहा कि आज 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान सरकार का सफल होते हुए दिख रहा है।

आयुष्मान भारत स्कीम की 50% लाभार्थी हैं महिलाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि चाहें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान हो या प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हो, हम माता और बच्चों दोनों के जीवन को बचाने पर सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत स्कीम की आज 50% लाभार्थी महिलाएं है। उन्होंने महिलाओं से जुड़ी शिक्षा और करिअर पर बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बेटियों से जुड़ी सभी अड़चनों को दूर किया है। इसके साथ ही बेटियों का ड्रॉप-आउट रेट भी कम हुआ है क्योंकि सरकार ने सेपरेट टॉयलट और सेनेटरी पैड से जुड़ी स्कीम को शुरु किया। 

राष्ट्रपति ने संबोधन में कहा कि महिलाएं आज सशक्त हो रही हैं। उनके लिए हर क्षेत्र में मौक़े खुल रहे हैं चाहें माइनिंग हो या आर्मी। इसके अलावा आज बेटियां आर्मी और मिलिट्री से जुड़े स्कूलों में पढ़ने जा रही हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह उनकी सरकार है जिसने मातृत्व अवकाश को 12 वीक से बढ़ाकर 26 वीक तक कर दिया है। इसके अलावो राष्ट्रपति ने आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर बल देते हुए कहा कि आज 70% लाभार्थी मुद्रा योजना के विमेन एंटरप्रेन्योर्स हैं। आग 80 लाख से अधिक सेल्फ़ हेल्प ग्रुप देश में कार्य कर रहे हैं जिनसे 9 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार की ओर से आज लाखों-करोड़ों की मदद इन विमेन सेल्फ़ हेल्प ग्रुप को दी जा रही है।

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