लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच पिछले एक महीने से चल रही तकरार ने सोमवार की रात को भयानक रूप ले लिया। भारतीय सेना के मुताबिक ( LAC) पर चीन के साथ इस पथराव में भारत के 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अधिकारी कर्नल संतोष बाबू भी इस झड़प में शहीद होगये।

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पहली पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में

तेलंगाना के सूर्यपट डिस्ट्रिक्ट से आने वाले कर्नल संतोष ने सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी। उनकी पहली पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हुई थी। 18 महीने पहले ही संतोष की पोस्टिंग बॉर्डर पर हुई थी।

हैदराबाद पोस्टिंग होने का कर रहे थे इंतज़ार

2 बच्चों के पिता कर्नल संतोष बाबू अपने हैदराबाद पोस्ट होने का इंतज़ार कर रहे थे। उनकी पत्नी संतोषी और उनके बच्चे( उम्र 9 वर्ष और 4 वर्ष) दिल्ली में रहते हैं।

माता पिता को देर में दी जानकारी

संतोष के माता पिता को मंगलवार को लंच के बाद इसकी जानकारी मिली।

संतोष की मां मंजुला कहती हैं “मेरी बहु को पहले ही अफसरों से पता चल चुका था। उसने मुझे देर में बताया क्योंकि उसको पता था कि हम इसके बाद टूट जाएंगे।”

गहरी खाई में लड़ते लड़ते गिर गए थे कर्नल

इंडिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मंजुला जी को बताया गया कि संतोष चीनी सिपाहियों से लड़ते हुए एक गहरी खाई में गिर गए थे। जब तक डॉक्टर्स पहुंचे तब तक वो अपने घावों की वजह से शहीद हो चुके थे।

खुश और दुखी हूं मैं साथ साथ : कर्नल की मां

संतोष की माँ अपने आंसुओ को रोक पाने में असमर्थ थीं

“मैं खुश हूं कि मेरा बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ पर एक माँ होने के नाते मुझे बहुत दुख है कि वो अब हमारे बीच नहीं है। वो मेरा एकलौता बेटा था।”

गवर्नर ने भी किया ट्वीट

तेलंगाना की गवर्नर तमिलिसाई सौन्दरंजन ने ट्वीट करते हुए शहीद अफसर के बलिदान को सराहा है।
“मैं शहीदों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करती हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।”

कर्नल के शहीद होने के बाद उनके गांव में सन्नाटा से छा गया है। सब उनके जाने का दुख मना रहे हैं।

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