जानिए क्यों थाईलैंड की प्रधानमंत्री Paetongtarn Shinawatra को पद से हटा दिया गया

थाईलैंड की अदालत ने प्रधानमंत्री पैटॉंगटार्न शिनावात्रा को पद से हटा दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने कंबोडिया के साथ सीमा विवाद के मामले में गलत तरीके से काम किया, जिसे "नैतिक गलती" माना गया।

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Rajveer Kaur
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Paetongtarn Shinawatra Dismissed Amid Cambodia Border Row

Photograph: (China Daily)

थाईलैंड की संवैधानिक अदालत ने 29 अगस्त को प्रधानमंत्री पैटॉंगटार्न शिनावात्रा को पद से हटा दिया। यह फैसला जून में कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन के साथ हुई एक विवादित फोन बातचीत के बाद आया। अल जज़ीरा के अनुसार, उन पर आरोप है कि उन्होंने सीमा विवाद को लेकर “नैतिक गलती” की। नौ जजों की बेंच ने कहा कि शिनावात्रा ने प्रधानमंत्री के लिए ज़रूरी नैतिक मानकों का उल्लंघन किया और देश के हितों से ऊपर अपने निजी हितों को रखा।

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जानिए क्यों थाईलैंड की प्रधानमंत्री Paetongtarn Shinawatra को पद से हटा दिया गया

लीक हुई फोन बातचीत में सुना गया कि शिनावात्रा कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन को खुश करने की कोशिश कर रही थीं और उन्हें “अंकल” कह रही थीं। वहीं, उन्होंने थाई सेना के एक वरिष्ठ कमांडर की आलोचना की और उन्हें “विरोधी” बताया। इस मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें जुलाई में निलंबित कर दिया गया था। कंबोडिया के साथ यह सीमा विवाद कुछ ही दिनों में बढ़कर हथियारबंद झड़पों में बदल गया, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हुई और दोनों देशों की सीमाओं पर लाखों लोग विस्थापित हुए। यह लड़ाई 29 जुलाई को मलेशिया की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद  रुकी।

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हाल ही में लिए गए फैसले के साथ, शिनावात्रा 2008 के बाद से ऐसी पांचवीं प्रधानमंत्री बन गईं जिन्हें थाई न्यायाधीशों ने पद से हटाया। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “आज का निर्णय थाई राजनीति में बदलाव लेकर आया है। हमें सभी पक्षों सरकार, विपक्ष और जनता को मिलकर राजनीतिक स्थिरता बनाने के लिए काम करना होगा ताकि आगे फिर कोई बड़ा संकट न आए।” यह फैसला 6-3 मतों से आया और इसे चुनौती नहीं दी जा सकती।

पैटॉंगटार्न शिनावात्रा कौन हैं?

शिनावात्रा ने ठीक एक साल तक थाईलैंड की प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वह देश की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनीं। उनसे पहले प्रधानमंत्री स्रेत्था थाविसिन को ‘नैतिक और आचरण संबंधी’ उल्लंघन के कारण पद से हटाया गया था। शिनावात्रा पूर्व प्रधानमंत्री ठाकसिन शिनावात्रा की बेटी हैं, जिन्होंने फ्यू थाई पार्टी की स्थापना की थी। वह थाईलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा की भतीजी भी हैं।

पैटॉंगटार्न शिनावात्रा ने 2023 में भी प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव लड़ा था। उनके चुनावी वादों में सार्वजनिक परिवहन का किराया कम करना, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना और न्यूनतम दैनिक वेतन को दोगुना करना शामिल था। उनका प्रधानमंत्री बनना लंबे समय से चले आ रहे टकराव के बीच हुआ था। एक ओर राजशाही समर्थक सेना और दूसरी ओर फ्यू थाई पार्टी से जुड़ी जनसमर्थक पार्टियाँ।

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उन्होंने 2021 में राजनीति में कदम रखा और फ्यू थाई पार्टी की इंक्लूज़न एंड इनोवेशन एडवाइजरी कमेटी की प्रमुख बनीं। राजनीति में आने से पहले शिनावात्रा अपने परिवार के होटल व्यवसाय का संचालन करती थीं। उन्होंने बैंकॉक की चुलालोंगकोर्न यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी और एंथ्रोपोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ़ सरे से इंटरनेशनल होटल मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिग्री ली है।