वजाइनल हेल्थ: ज़रूरी बातें जो हर महिला को पता होनी चाहिए

वजाइनल हेल्थ को लेकर चुप्पी सबसे बड़ी समस्या है। रेगुलर गाइनोकॉलॉजिकल चेकअप न सिर्फ़ इंफेक्शन, बल्कि कई सीरियस प्रोब्लेम्स की पहचान में भी मदद करता है।

author-image
Dimpy Bhatt
New Update
Vaginal health important facts every woman should know

Photograph: (freepik)

महिलाओं की हेल्थ पर बात करते टाइम'वजाइनल हेल्थ अक्सर इग्नोर कर दी जाती है। सोसाइटी में इससे जुड़ी हेसिताशन और गलतफहमियों की वजह से कई महिलाएँ अपनी प्रोब्लेम्स को खुलकर शेयर नहीं कर पातीं। जबकि वजाइनल हेल्थ सिर्फ़ रिप्रोडक्टिव हेल्थ से नहीं, बल्कि ओवरऑल वेलबीइंग से जुड़ी हुई है। प्रॉपर इनफार्मेशन और थोड़ी-सी केयर से कई प्रोब्लेम्स को टाइम रहते रोका जा सकता है।

Advertisment

वजाइनल हेल्थ: ज़रूरी बातें जो हर महिला को पता होनी चाहिए

वजाइना के नेचुरल क्लीनिंग सिस्टम को समझना ज़रूरी

सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि वजाइना खुद को नैचुरली साफ़ रखता है। बार-बार केमिकल वॉश या डूशिंग करने से इसका नेचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे इंफेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है। हल्के गुनगुने पानी से बाहरी हिस्से की सफाई ही एनफ होती है। वजाइनल डिस्चार्ज भी बॉडी का एक नेचुरल प्रोसेस है, जो हेल्थी बैक्टीरिया को बनाए रखने में मदद करता है।

हाइजीन और पीरियड्स के दौरान प्रीकॉशन्स 

पीरियड्स के टाइम वजाइनल हाइजीन और भी ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट हो जाती है। सैनिटरी पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप को टाइम पर बदलना बेहद ज़रूरी है। लंबे टाइम तक एक ही प्रोडक्ट यूज़ करने से इंफेक्शन का रिस्क बढ़ सकता है। साथ ही, पीरियड्स के दौरान स्ट्रांग फ्रेग्रन्सेस वाले प्रोडक्ट्स का उसे करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये वजाइना के पीएच लेवल को बिगाड़ सकते हैं।

वजाइनल इंफेक्शन के संकेतों को न करें इग्नोर

इचिंग, बर्निंग, अन्यूश़वल ओडोर, या डिस्चार्ज का कलर बदलना—ये सब वजाइनल इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं। कई महिलाएँ इन्हें नॉर्मल मानकर इग्नोर कर देती हैं, जो आगे चलकर बड़ी प्रोब्लेम्स बन सकती है। ऐसे सिम्पटम्स दिखने पर खुद से मेडिकेशन लेने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

Advertisment

डाइट और लाइफस्टाइल का असर

आप जो खाते हैं, उसका असर आपकी वजाइनल हेल्थ पर भी पड़ता है। प्रोबायोटिक फूड्स, जैसे दही, वजाइना में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। वहीं ज़्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, टाइट कपड़े पहनने से बचें और कॉटन अंडरवियर को प्रिऑरिटीज़ दें, ताकि मॉइस्चर न बने और एयर सर्कुलेशन बना रहे।

खुलकर बात करना और रेगुलर चेकअप

वजाइनल हेल्थ को लेकर चुप्पी सबसे बड़ी समस्या है। रेगुलर गाइनोकॉलॉजिकल चेकअप न सिर्फ़ इंफेक्शन, बल्कि कई सीरियस प्रोब्लेम्स की पहचान में भी मदद करता है। वजाइनल हेल्थ कोई टैबू नहीं, बल्कि हर महिला की हेल्थ का इम्पोर्टेन्ट हिस्सा है।

पीरियड वजाइनल हेल्थ