Molar Pregnancy: क्या है मोलर प्रेगनेंसी? जानें इसके लक्षण और उपचार

मोलर प्रेगनेंसी एक गंभीर समस्या हो सकती है इसलिए महिलाओं को इसके लक्षण और इसके उपचार के बारे में जानकारी होना जरूरी है। जानिए इसके कारण और उपचार इस ब्लॉग-

Monika Pundir
09 Dec 2022
Molar Pregnancy: क्या है मोलर प्रेगनेंसी? जानें इसके लक्षण और उपचार

Molar Pregnancy

What Is Molar Pregnancy: क्या है मोलर प्रेगनेंसी? जानें इसके लक्षण और उपचार

गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है उसमें से एक मोलर प्रेगनेंसी भी है। मोलर प्रेगनेंसी एक गंभीर समस्या हो सकती है इसलिए महिलाओं को इसके लक्षण और इसके उपचार के बारे में जानकारी होना जरूरी है। आइए जानते हैं मोलर प्रेगनेंसी क्या है और कैसे आप इसके लक्षणों का पता लगाकर सही समय पर उपचार करवा सकते हैं।

क्या है मोलर प्रेगनेंसी?

मोलर प्रेगनेंसी बहुत कम देखने को मिलती है लेकिन यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है। एक बार अगर किसी को मोलर प्रेगनेंसी होती है तो उसे यह दोबारा भी हो सकती है। मोलर प्रेगनेंसी को हाइडेटिडिफाेर्म माेल (Hydatidiform Mole)  के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रेगनेंसी दो प्रकार की होती है- कंपलीट मोलर प्रेगनेंसी और  पार्शियल मोलर प्रेगनेंसी। एक में गर्भाशय के अंदर भ्रूण नहीं बनता है और दूसरे मोलर प्रेगनेंसी में भ्रूण का विकास नहीं हो पाता है। मोलर प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा के अंदर विकसित होने वाली कोशिकाएं (ट्राेफाेब्लास्ट)
सामान्य रूप से विकसित होने लगती हैं।

मोलर प्रेगनेंसी के दो प्रकार

1. कंपलीट मोलर प्रेगनेंसी

कंपलीट मोलर प्रेगनेंसी में ट्राेफाेब्लास्ट सामान्य रूप से विकसित होता है जिसमें सिस्ट नजर आते हैं लेकिन फीटल टिश्यू नहीं बनता है। इस प्रेगनेंसी में अंडा खाली होता है इसलिए जो स्पर्म अंडे को फर्टिलाइज करता है उसमें भ्रूण नहीं बन पाता है। इस प्रेगनेंसी का पता अल्ट्रासाउंड की मदद से लगाया जा सकता है।

2. पार्शियल मोलर प्रेगनेंसी

इस प्रकार की मोलर प्रेगनेंसी में भ्रूण तो बनता है लेकिन कुछ समय बाद उसका विकास रुक जाता है जिस कारण गर्भपात होने का खतरा बना रहता है। यह प्रेगनेंसी महिलाओं के लिए काफी कष्टदायक होती है। इस प्रकार की प्रेगनेंसी में भ्रूण बच नहीं पाता है।

मोलर प्रेगनेंसी के लक्षण और कारण

मोलर प्रेगनेंसी में महिलाओं के वजाइना से सिस्ट का डिस्चार्ज होता है, पेल्विक हिस्से में काफी दबाव और दर्द महसूस होता है उसके साथ ही बिल्डिंग और स्पोटिंग देखी जा सकती है। इस प्रकार की प्रेगनेंसी में महिलाओं के भ्रूण का कोई मोमेंट नहीं होता है। एचसीजी का स्तर बढ़ जाता है और हर वक्त उल्टी जैसा लगता रहता है।

इस प्रकार की प्रेगनेंसी का कारण जेनेटिक हो सकता है, अगर आपके परिवार में किसी को ऐसी प्रेग्नेंसी रही है तो हो सकता है कि आप में भी ऐसे प्रेगनेंसी होने के चांसेस हो। अगर आपने बहुत लंबे समय तक बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन किया है तो उस कारण भी यह प्रेगनेंसी हो सकती है। एक से अधिक गर्भपात भी मोलर प्रेगनेंसी का कारण बनते हैं, उसके अलावा असामान्य रूप से फर्टिलाइज्ड एग के कारण भी मोलर प्रेगनेंसी होती है।

मोलर प्रेगनेंसी के लिए उपचार

अगर आप गर्भधारण नहीं करना चाहती है तो मोलर प्रेगनेंसी से बचने के लिए आप ऑपरेशन की मदद से गर्भाशय को हटवा सकते हैं। इस प्रोसेस को हिस्टेरेक्टॉमी कहा जाता है। लेकिन अगर आप गर्भधारण करना चाहती हैं तो ऐसी स्थिति में आप डी एंड सी (डाइलेशन एंड क्यूरेटेज) करवा सकते हैं। इस उपचार में डॉक्टर गर्भाशय से ऊतकों को हटा देते हैं जिससे आगे आप गर्भधारण कर सकते हैं।

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