Housewife Myths: जाने इन 5 पांच बातों के बारे में

सबसे पहली बात जो सामने आती है एक हाउसवाइफ को लेकर कि हाउसवाइफ पढ़ी-लिखी नहीं होती और क्योंकि वह पढ़ी-लिखी नहीं होती इसलिए हाउसवाइफ बनती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। यह भी एक चॉइस है जरूरी नहीं है कि हर औरत को वर्किंग बनना है।

Rajveer Kaur
24 Nov 2022
Housewife Myths: जाने इन 5 पांच बातों के बारे में

Housewife Myths

हाउसवाइफ जिसका नाम सुनते ही हमारे दिमाग में ए,क ऐसी औरत आती है जो घर का काम करती, पति और सास की बात मानती, किसी के सामने जुबान न लड़ाने वाली जो  सब कुछ सहन कर जाए  लेकिन एक शब्द भी मत बोले ऐसे ही एक औरत का चेहरा सामने आता है। आज का जो दौर है वह फेमिनिस्ट का दौर है आज अगर एक हाउसवाइफ भी है वह पढ़ी लिखी है अपना अच्छा बुरा जानती है, अपने खिलाफ हो रहे जुर्म के विरुद्ध आवाज भी उठा सकती है आज हम आपके साथ शेयर करेंगे ऐसी ही कुछ बातें जो हाउसवाइफ से जुड़ी है

Housewife Myths: जाने इन 5 पांच बातों के बारे में

हाउसवाइफ पढ़ी-लिखी नहीं होती
सबसे पहली बात जो सामने आती है एक हाउसवाइफ को लेकर कि हाउसवाइफ पढ़ी-लिखी नहीं होती और क्योंकि वह पढ़ी-लिखी नहीं होती इसलिए हाउसवाइफ बनती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। यह भी एक चॉइस है जरूरी नहीं है कि हर औरत को वर्किंग  बनना है।

एंपावर्ड वूमेन नहीं है
हमारे समाज में हर चीज की एक परिभाषा बनी हुई है अगर कोई उस पर फिट नहीं बैठता तो हम उसके प्रतीक राय बना लेते हैं  ।आप हाउसवाइफ की बात करें तो उन्हें भी एंपावर्ड नहीं समझा जाता लेकिन जरूरी नहीं है कि जो औरत ऑफिस जाती है वहां जाकर बड़ी-बड़ी मीटिंग्स में बातें करती हैं सिर्फ वहीं एंपावर्ड हैं। एक हाउसवाइफ भी एंपावर्ड है अगर वह अपनी चॉइस से उसे ले रही है और हाउसवाइफ बनना कोई छोटी बात नहीं है।


फेमिनिस्ट नहीं होती 
यह भी समझ लिया जाता है कि जो औरतें घर पर रहकर हाउसवाइफ है वे फेमिनिस्ट नहीं होती। उन्हें अपने हकों के बारे में जानकारी नहीं होती और अपने विरुद्ध आवाज उठाना नहीं जानती। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है आज का समय बहुत बदल चुका है हाउसवाइफ बनना भी है और इस पर भी किसी को जज करना है उसके प्रतीक राय बनाना गलत बात है।

हाउसवाइफ की जिंदगी आसान है 
अक्सर यह कह दिया जाता है कि  जो औरतें  अपने बच्चों और घर को संभालती है उनकी जिंदगी बहुत आसान है। उनकी लाइफ में तो कोई परेशानी नहीं होती है उन्हें क्या है? घर का काम करके सारा दिन लेटी रहती है। उन लोगों को फिर शायद यह नहीं पता होता कि घर संभालने के लिए कितनी चीजों का कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है कितनी मेहनत लगती है एक प्रॉपर घर संभालने के लिए भी प्लानिंग की जरूरत होती है। 

सुबह उठना होता है फिर घर की साफ सफाई किचन, बच्चों को संभालना दोपहर का खाना, रात का खाना इसके बीच में और 100 काम जो हमें सोचने की भी जरूरत पड़ती वह हमारे घर में मौजूद हाउसवाइफस कर देती हैं जिससे हमारी लाइफ बहुत आसान हो जाती है

हाउसवाइफ्स गॉसिप करती रहती है 
यह भी एक बहुत बड़ा मिथ है की हाउसवाइफ सारा दिन गॉसिप करती रहती हैं उन्हें कौन सा कोई बहुत जरूरी काम होता है। उनकी तो सोच ही ऐसी होती है उनकी लाइफ में तो मजे ही मजे हैं। यह सब कहने की बातें हैं।

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