पीरियड्स में वजाइनल ओडर से परेशान? अपनाएं ये सिंपल और नैचुरल टिप्स

पीरियड्स के दौरान बॉडी कई बदलावों से गुजरती है। ब्लीडिंग, क्रैम्प्स और मूड स्विंग्स के साथ एक और चीज़ जो कई महिलाओं को परेशान करती है, वह है वजाइनल ओडर।

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Dimpy Bhatt
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how to get rid of vaginal odor during periods naturally

Photograph: (file)

पीरियड्स के दौरान बॉडी कई बदलावों से गुजरती है। ब्लीडिंग, क्रैम्प्स और मूड स्विंग्स के साथ एक और चीज़ जो कई महिलाओं को परेशान करती है, वह है वजाइनल ओडर। हल्की सा ओडर इस टाइम नार्मल हो सकती है, लेकिन अगर आप उनकंफर्टबले फील कर रही हैं, तो कुछ सिंपल और नैचुरल उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पीरियड्स के दौरान ब्लड जब एयर और बैक्टीरिया के कांटेक्ट में आता है, तो हल्की स्मेल आना नेचुरल है। इसका मतलब यह नहीं कि आप डर्टी हैं। लेकिन सही देखभाल न करने पर ये स्मेल बढ़ सकती है।

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पीरियड्स में वजाइनल ओडर से परेशान? अपनाएं ये सिंपल और नैचुरल टिप्स

हाइजीन है सबसे पहली कुंजी

पीरियड्स में पैड या टैम्पॉन को हर 4–6 घंटे में बदलना बेहद जरूरी है। भले ही फ्लो कम हो, लंबे टाइम तक एक ही पैड लगाने से बैक्टीरिया ग्रोथ हो सकते हैं। अगर आप मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करती हैं, तो उसे हर बार अच्छी तरह वाश और स्टेरिलाइज करके ही दोबारा लगाएं।

इंटिमेट एरिया को ज्यादा न रगड़ें

कई बार हम स्मेल के डर से बार-बार सोप या इंटिमेट वॉश इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा केमिकल्स पीएच बैलेंस बिगाड़ सकते हैं। दिन में 1–2 बार गुनगुने पानी से हल्की सफाई एनफ है। वजाइना खुद को साफ रखने की नेचुरल एबिलिटी रखता है। डूशिंग या सेंटेड प्रोडक्ट्स का ज्यादा उसे हार्मफुल हो सकता है।

सही कपड़ों का चुनाव

पीरियड्स में कॉटन अंडरवियर पहनना बेहतर होता है। सिंथेटिक कपड़े स्वेट और मॉइस्चर रोक लेते हैं, जिससे स्मेल बढ़ सकती है। अगर आपको ज्यादा स्वेट आता है, तो दिन में एक बार अंडरवियर बदलना भी मददगार हो सकता है।

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पानी और डाइट पर ध्यान

एनफ पानी पीना बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसके अलावा, अपनी डाइट में दही जैसे प्रोबायोटिक फूड्स शामिल करें। ये बॉडी में अच्छे बैक्टीरिया का बैलेंस बनाए रखने में हेल्प हो सकते हैं। ज्यादा जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें कम करने से भी फर्क पड़ सकता है।

कब डॉक्टर से मिलें?

अगर स्मेल बहुत तेज हो या उसके साथ इचिंग, जलन, उनुसुअल डिस्चार्ज या पैन हो, तो इसे इग्नोर न करें। ये किसी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है, जिसके लिए मेडिकल सलाह जरूरी है।

शर्म नहीं, अवेयरनेस जरूरी

पीरियड्स से जुड़ी प्रॉब्लम आम हैं, लेकिन हम अक्सर इन पर खुलकर बात नहीं करते। हल्की स्मेल नार्मल है और सही देखभाल से इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है। अपने बॉडी को समझें, उसकी जरूरतों का सम्मान करें और खुद को लेकर ऐम्बर्रेस महसूस न करें।

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