इंडिया में पीरियड्स के दिनों में ज्यादातर सैनिटरी पैड का ही इस्तेमाल किया जाता रहा है।लेकिन पैड के अलावा मेंस्ट्रुअल कप (menstrual cup hindi) और tampons का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मेंस्ट्रुअल कप पैड से मुकाबले ज्यादा सस्ते, किफायती और इको फ्रेंडली होते है। लेकिन क्या इनका इस्तेमाल आसान होगा? क्या सच में यह पैड से ज्यादा कम्फर्ट देगा? आइए पता करते हैं।

Menstrual Cup किसे कहते हैं?

यह सिलिकॉन या लेटेक्स से बना कप है जिसका इस्तेमाल पीरियड के दौरान किया जाता है। इसे हम vagina में insert करते हैं जिससे पीरियड के दौरान निकलने वाले खून को इस कप में जमा किया जा सके। 

ये कप अलग अलग साइज़ में आते हैं और आप अपनी vagina और cervix के अनुसार सही साइज़ का कप चुन सकती हैं। कप आपको small, medium और large साइज़ में मिल जाएँगे। आप चाहें तो इन्हें वेबसाइट जैसे ऐमेज़ॉन, फ्लिप्कार्ट और Myntra से भी मँगवा सकती हैं।

Menstrual Cup का साइज़ कैसे चुनें?

मेंस्ट्रुअल कप (menstrual cup hindi) के साइज़ को लेकर ज्यादा ध्यान देना चाहिये क्योंकि गलत साइज़ का कप लगाने से लीकेज का डर बना रहेगा और आपको काफी uncomfortable भी फील होता रहेगा। कप का साइज़ आपकी उम्र, cervix की लेंथ और पीरियड के फ्लो पर डिपेंड करता है।

अगर आप पहली बार कप का इस्तेमाल कर रही हैं तो पहले सही साइज़ जानने के लिए अपने gynaecologist से जरूर सलाह ले लीजिये, अगर आपकी उम्र 18 से कम है और आप सेक्सुअली ऐक्टिव (sexually active) ना हों तो आपके लिये small कप सही रहेगा। 18-25 साल की महिलाएँ medium कप का इस्तेमाल कर सकती हैं और जिस महिला ने एक बच्चे को जन्म दे दिया हो उनके लिये large कप इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

Menstrual Cup का इस्तेमाल कैसे करें?

Menstrual Cup का इस्तेमाल करने के लिये सबसे पहले आप अपने हाथों को साबुन से धो लीजिये। उसके बाद कप को थोड़ा सा मोड़ें (V shape) और फिर vagina के अंदर डालें। इसे किस तरह मोड़ें इससे जुड़े कई YouTube वीडियो भी आप देख सकती हैं।

कप जब vagina के अंदर चला जाए तो इसे हल्का सा घुमाएँ जिससे यह अच्छी तरह फिट हो जाए। सही तरीके से फिट होने के बाद इससे जरा भी लीकेज नहीं होता है।

कप को निकालना भी आसान है। सबसे पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साफ़ कर लें। इसके बाद तर्जनी ऊँगली और अंगूठे को vagina के अंदर डालें और कप के एक सिरे को पकड़ कर धीरे धीरे तब तक खींचें जब तक आप उसके आखिरी सिरे तक ना पहुंच जाएं। उसके बाद इसे बाहर खींच लें। इस तरह यह आसानी से बाहर निकल जाता है। उसके बाद कप में जमा हुए खून को फेंक कर उसे अच्छी तरह गर्म पानी में स्टेरलाइज़ (sterilize) कर लीजिये। 

Menstrual Cup का इस्तेमाल करने के फायदे

  • यह इको फ्रेंडली होते है और पैड के मुकाबले इनका इस्तेमाल काफी आसान है ।
  • लीकेज का डर बिल्कुल नहीं रहता।
  • अधिक फ्लो होने पर भी आप इन्हें 9-10 घन्टों तक पहने रख सकती हैं और अगर फ़्लो नॉर्मल हो तो 12 घंटों तक भी लगाये रख सकती हैं।
  • यह सैनिटरी पैड के मुकाबले काफी सस्ते होते है। एक कप आप 350-500 में खरीद कर इन्हे कई साल तक यूज़ कर सकती हैं।
  • सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन में डायोक्सिन (Dioxyine) और ब्लीच जैसे केमिकल होते है जबकि मेंस्ट्रुअल कप को बनाने में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता। 

अगर आप भी फैसला कर रही हैं पैड से कप में चेंज करने तो झिझकें नहीं। यह काफी आसान है और बेहद comfortable भी। इसमें पैड के मुकाबले काफी कम्फर्टेबल भी फील होता है और आप अपनी मनचाही कोई भी ऐक्टिविटी आराम से कर सकती हैं, बिना लीकेज के डर के। साथ ही आपके पीरियड्स काफी आराम से कट जाएँगे।

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