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Photograph: (freepik)
ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) को अक्सर केवल हाइपरएक्टिव बिहेवियर से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन ये हमेशा शार्प और क्लियर सिम्पटम्स के साथ सामने नहीं आता। कई बार इसके सिग्न बहुत “साइलेंट” होते हैं — ऐसे सिग्न जिन्हें हम लज़ीनेस(laziness), केयरलेस(careless) या पर्सनालिटी ट्रेट (personality trait) समझकर इग्नोर कर देते हैं। खासकर एडल्ट्स में ADHD अलग तरीके से दिखाई दे सकता है, जो वर्क, रिलेशनशिप और सेल्फ कॉन्फिडेंस पर गहरा असर डालता है।
क्या आप इन्हें नज़रअंदाज़ कर रहे हैं? ADHD के साइलेंट सिम्पटम्स समझें
1. हमेशा बिजी, लेकिन काम अधूरा
क्या आप दिनभर बिजी रहते हैं, लेकिन दिन के एन्ड में सटिस्फीएड महसूस नहीं करते? ADHD का एक साइलेंट सिम्प्टम है — कई काम शुरू करना, लेकिन उन्हें पूरा न कर पाना। न्यू आइडियाज़ उत्साह जागते हैं, पर जैसे ही ध्यान भटकता है, काम अधूरा रह जाता है। धीरे-धीरे ये पैटर्न स्ट्रेस और गिल्ट की फीलिंग्स पैदा कर सकता है।
2. टाइम मैनेजमेंट में स्ट्रगल
टाइम का सही अंदाज़ा न लगा पाना ADHD का आम लेकिन कम समझा जाने वाला सिग्न है। डेडलाइन मिस करना, मीटिंग में लेट पहुंचना या “बस पांच मिनट और” सोचकर घंटों निकाल देना — ये सब टाइम परसेप्शन(time perception) की प्रॉब्लम से जुड़ा हो सकता है। इसे अक्सर डिसिप्लिन की कमी समझ लिया जाता है, जबकि ये ब्रेन वर्क के तरीके से जुड़ा होता है।
3. इमोशनल इम्बैलेंस
ADHD केवल ध्यान की प्रॉब्लम नहीं है, ये इमोशन को रेगुलेट करने की एबिलिटी को भी प्रभावित कर सकता है। छोटी-सी क्रिटिसिज्म से डीपली हर्ट होना, अचानक गुस्सा आ जाना या जल्दी सैड हो जाना — ये सब सिग्न हो सकते हैं। कई लोग इसे “ओवररिएक्शन” कहकर टाल देते हैं, लेकिन लगातार ऐसा होना इंटरनल स्ट्रगल की ओर इशारा करता है।
4. हाइपरफोकस का ट्रैप
डिस्ट्रक्शन के साथ-साथ ADHD में हाइपरफोकस भी देखा जाता है। इसका मतलब है किसी एक काम में इतना डूब जाना कि बाकी सब इग्नोर हो जाए। ये शुरुआत में पॉजिटिव लग सकता है, लेकिन जब जरूरी टास्क छूटने लगें या डेली रूटीन बिगड़ने लगे, तो ये बैलेंस पर असर डालता है।
5. सेल्फ डाउट और मेन्टल थकान
रिपेटेड मिस्टेक, प्रोक्रस्टिनेशन(procrastination) और इन्कम्प्लीट टास्क व्यक्ति को ये महसूस करा सकते हैं कि उसमें “कुछ कमी” है। टाइम के साथ ये सेल्फ डाउट और लौ सेल्फ एस्टीम में बदल सकता है। लगातार अपने आप को इम्प्रूव की कोशिश करते-करते मेन्टल थकान भी बढ़ सकती है। अगर ये सिग्न लंबे टाइम से आपकी स्टडीज, जॉब या रिश्तों को प्रभावित कर रहे हैं, तो इसे केवल हैबिट मानकर नजरअंदाज़ न करें।
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