हाल फिलहाल में नेटफ़्लिक्स का शो ‘सेक्स एजुकेशन’ बहुत फ़ेमस हुआ है। इस सीरिज में कई तरह के सेक्सुअल प्रॉब्लम को डिसकश किया गया, अगर आपने शो देखा हो तो उसमें लिली नाम की लड़की की एक कंडिशन होती है जिसमें उसकी वजाइना की मशल इतनी टाइट होती है जिससे उसका सेक्स करना असंभव हो जाता है। डॉक्टर तान्या नरेंद्र के अनुसार, इस कंडीशन को मेडिकल टर्म में ‘Vaginismus’ कहते हैं।

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इस बारे में ज्यादा बातें नहीं की जाती लेकिन महिलाएँ इससे 2% से लेकर 47% तक अफेक्ट होती हैं। तो आइए (Vaginismus) के बारे में और भी बातें पता करते हैं। 

(Vaginismus) क्या होता है?

डॉक्टर तान्या नरेंद्र कहती हैं, कई महिलाओं को सेक्स के दौरान काफी दर्द होता है और सेक्स को लेकर उनके मन में (shame) और (guilt) भरा होता है जिसकी वजह से वो अपने पार्टनर से (Intimate) होने में डरती हैं। इस कंडीशन को Vaginismus कहा जाता है। 

(Vaginismus) में न सिर्फ सेक्स बल्कि पीर‍ियड के दौरान (Tampons) लगाने से और डॉक्‍टर से प्राइवेट पार्ट की जांच कराने से भी महिलाओं को डर लगता हैं। इस कंडीशन में जब भी महिलाएं सेक्स संबंध बनाती है या (Tampon) लगाती है तो वजाइना की (muscles) सिकुड़ने लगती है यानी वो काफी टाइट हो जाती है। 

वैसे इस समस्‍या से महिलाओं के सेक्स ड्राइव पर कोई असर नहीं पड़ता लेकिन सेक्स के दौरान पेन‍िट्रेशन से वजाइना में बहुत ज्यादा दर्द होता है। इस कंडीशन में पेन‍िट्रेशन या तो हो नही पाता या फिर काफी दर्द भरा होता है। इसमें वजाइना के एन्ड की (muscles) में एक Involuntary contraction(अनैच्छिक ऐंठन) पैदा हो जाती है जिसकी वजह से सेक्स में बहुत दर्द होता है।

ये कंडीशन तब पैदा होती है, जब महिला सेक्स संबंध बनाती है या उसकी (Gynaecological) टेस्ट हो रही होती है। वजाइना की वॉल में (contraction) इतनी मजबूत होती है कि उसमें कुछ भी नहीं किया जा सकता है।

(Vaginismus) के कारण

डॉक्टर तान्या बताती हैं, (vaginismus) हमारी बॉडी का (anxiety), डर और सेक्स करने में (shame) होने का एक नैचुरल रिएक्शन होता है और यह आमतौर पर दो तरह के कारणों से होता है। 

मनोवैज्ञानिक( Psychological)  कारण 

  • सेक्स का डर और (shame) 
  • यौन हिंसा(sexual assault) की मैमोरी 
  • पार्टनर के साथ सही (coordination) का ना होना
  • पहली बार में सेक्स का अच्छा अनुभव(experience) ना होना

शारीरिक(Physical) कारण

  • वजाइना में सूजन(inflammation) या (infection)
  • (Vaginal atrophy) यानी वजाइना की त्वचा का पतला होना और सूखना, जो आमतौर पर प्रेग्नेंसी या मनोपाॅज (menopause) के बाद होता है।
  • वजाइना में (Endometriosis) होना, जब (uterus muscles) की (lining) uterus के बाहर भी बढ़ने लगती है।

(Vaginismus) के लक्षण क्या हैं?

  • लंबे समय तक (Intimate areas) में दर्द होना
  • पेनेट्रेशन मुश्किल या (impossible) होना जिसमें दर्द या जलन होता है
  • (Tampons) लगाने के समय दर्द होना
  • (Gyneacological) टेस्ट के दौरान दर्द होना
  • सेक्स के दौरान मसल्स (spasm) या वजाइनल ब्रेथ(breath) में कमी होना।

(Vaginismus) से राहत पाने के क्या करें?

डॉक्टर तान्या के अनुसार, पार्टनर्स के बीच अच्छी (communication) से यह काफी हद तक ठीक हो सकता है। अपने पार्टनर को समझें, उन्हें इस बारे में बताएं की सेक्स से (shame) या (guilty) फील करने की कोई जरुरत नहीं है, यह तो हमारी बॉडी की (biological) जरूरतों का हिस्सा है। 

अगर (Vaginismus) की वजह सेक्स से डर या (past trauma) है तो थेरेपी का सहारा लिया जा सकता है। कुछ एक्सरसाइज़ जैसे की पेल्विक फ्लोर (pelvic floor muscles) रिलैक्सेशन (कीगल एक्सरसाइज) जैसे भी शामिल होते हैं। किगल एक्सरसाइज़ से आपके पेल्विक एरिया में थोड़ा लचीलापन(elasticity) आएगा और सेक्स के दौरान आपको दर्द भी कम होगा। 

डॉक्टर तान्या कहती हैं, वजाइना की (muscles) को (contraction) का भी सहारा लिया जा सकता है।  (Gynaecologists) डाइलेटर्स के इस्तेमाल करने की भी सलाह देते हैं। इस एक्‍सरसाइज से वजाइना में थोड़ा फैलाव आता है जिससे दर्द कम होता है। 

अगर आपको भी (Vaginismus) के लक्षण नज़र आ रहे हैं तो इसे हल्‍कें में ना लें और तुरंत अपने डॉक्‍टर को दिखाएं। अपनी सेक्सुअल हेल्थ को लेकर हमेशा अवेयर रहें और अपने साथ की अन्य महिलाओं को भी इस बारे में एजुकेट(educate) करें।  

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