Are PCOD and PCOS the same? जानिए पीसीओडी और पीसीओएस के बिच का फ़र्क

Swati Bundela
22 Nov 2021
Are PCOD and PCOS the same? जानिए पीसीओडी और पीसीओएस के बिच का फ़र्क


Are PCOD and PCOS the same? क्या पीसीओडी और पीसीओएस एक जैसे हैं? बहुत सी महिलाएं दोनों के बीच कन्फ़्यूज़ हो जाती हैं और  अक्सर दोनों शब्दों का इस्तेमाल करते हुए, खासकर जब पीसीओएस, पीसीओडी और प्रेगनेंसी के बीच के संबंध को समझने की कोशिश की जाती है। असल में, दोनों स्थितियां अलग-अलग हैं, जैसे कि ओवरी से संबंधित होना और हार्मोनल डिस्टर्बेंस पैदा करना। आइए इन दोनों पर करीब से नज़र डालें और उन बातों को जानें जो दोनों को एक-दूसरे से अलग बनाती हैं।


Understanding The Difference between PCOS And PCOD: पीसीओडी और पीसीओएस के बीच फ़र्क को समझना


पीसीओडी क्या है?


सभी महिलाओं में दो ओवरीज़ होते हैं जो हर महीने बारी-बारी से एक एग छोड़ते हैं। ओवरी कम मात्रा में एण्ड्रोजन(मेल हॉर्मोन) का प्रोडक्शन करते हैं। पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिज़ीज़) एक ऐसी स्थिति है जहां ओवरी बहुत सारे इम्मैच्योर एग छोड़ते हैं जो आखिरकार सिस्ट में बदल जाते हैं। कुछ नॉर्मल लक्षणों में पेट का वज़न बढ़ना, इर्रेगुलर पीरियड्स, मेल पैटर्न हेयरलॉस और इंफर्टिलिटी शामिल हैं। इस स्थिति में, ओवरीज़ आमतौर पर बड़ी हो जाती हैं और बड़ी मात्रा में एण्ड्रोजन छोड़ते हैं जो एक महिला की फर्टिलिटी और उसके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पीसीओडी के लिए सबसे अच्छा ट्रीटमेंट यही है की इसके लक्षणों को कम किया जाये।


पीसीओएस क्या है?


पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) वाली महिलाओं में, ओवरीज़ नॉर्मल से ज़्यादा एंड्रोजन प्रोड्यूस करते हैं, जो एग की डेवलपमेंट और रिलीज़ में इंटरफेर करता है। कुछ एग सिस्ट बन जाते हैं। ओव्यूलेशन के दौरान निकलने के बजाय, ये सिस्ट ओवरी में बनते हैं और कभी-कभी बड़े भी हो जाते हैं।


दो स्थितियां अलग कैसे हैं?


पीसीओएस एक सीरियस कंडीशन है। पीसीओडी को असल में एक बीमारी नहीं माना जाता है क्योंकि सही डाइट और एक्सेर्साइज़ से इसे कण्ट्रोल किया जा सकता है। लेकिन पीसीओएस एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है।


1. कॉसेटिव फैक्टर


पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एंडोक्राइन सिस्टम का डिसऑर्डर है, जबकि पीसीओडी हॉर्मोन बैलेंस न होने से होता है। ऐसा माना जाता है कि दोनों स्थितियों में हॉर्मोनल असंतुलन और जेनेटिक्स बहुत इम्पोर्टैंट रोल निभाते हैं। थ्योरी यह है कि मेल हॉर्मोन का हाई लेवल ओवरीज़ को हॉर्मोन प्रोड्यूस करने और नॉर्मल तरीके से एग प्रोड्यूस करने से रोकता है। इंसुलिन रेज़िस्टेंस और इंफ्लेमेशन को एक्स्ट्रा एंड्रोजन प्रोडक्शन से भी जोड़ा गया है।


2. उपस्थिति


पीसीओडी होना काफी आम बात है। दुनिया भर में लगभग एक तिहाई महिलाओं को पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिज़ीज़ है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के पेशेंट्स कम है।


3. प्रेगनेंसी पर पीसीओडी और पीसीओएस का असर


पीसीओडी सभी महिलाओं में इंफर्टिलिटी का कारण नहीं बनता है। लगभग 80 प्रतिशत मामलों में, महिलाएं थोड़ी सी सहायता से सहज प्रेगनेंसी एक्सपीरियन्स कर सकती हैं। पीसीओएस वाली महिलाओं के लिए, हॉर्मोनल इर्रेगुलरिटीज़ की वजह से प्रेग्नेंट होना मुश्किल हो सकता है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में एण्ड्रोजन लेवल बहुत ज़्यादा होता है। अगर किसी को यह सिंड्रोम हो जाता है, तो प्रेगनेंसी मुश्किल हो सकती है।


हार्मोनल डिस्टर्बेंस और कंडीशंस को रोकने के साथ-साथ उनका इलाज करने के लिए अच्छी हेल्थ को बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। पीसीओडी और पीसीओएस के ट्रीटमेंट में समय पर डाइग्नोसिस और एप्रोप्रियेट स्टेप्स शामिल होंगे जो सिंड्रोम को दूर करने और प्रेगनेंसी को सफल बनाने में मदद कर सकते हैं।


Disclaimer: यह सार्वजनिक रूप से एकत्रित जानकारी है। यदि आपको किसी विशिष्ट सलाह की आवश्यकता है तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें।





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