Finance Problem: नए साल में अपनाएं यह टिप्स, नहीं होगी पैसों की कमी

फाइनेंस हमारे जीवन का एक अहम भाग है तो आइए आप समझते हैं फाइनेंस से संबंधित कुछ रेजॉलूशंस जिन्हें बनाकर हमें पैसों को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं होगी इस फाइनेंस ब्लॉग के जरिए-

Aastha Dhillon
29 Dec 2022
Finance Problem: नए साल में अपनाएं यह टिप्स, नहीं होगी पैसों की कमी

Finance Problem

Finance Problem: नया साल आने वाला है तो ऐसे में हम कई नए रेजोल्यूशन बनाते हैं। यह रेजोल्यूशन हमारी हैल्थ, हमारे फाइनेंस, हमारे रिश्तों और न जाने कितने ही अलग भागों से जुड़े होते हैं। जरूरी यह है कि हम उन रिवॉल्यूशंस के साथ बने रहे और उन्हें फॉलो करते रहे। फाइनेंस हमारे जीवन का एक अहम भाग है तो आइए आप समझते हैं फाइनेंस से संबंधित कुछ रेजॉलूशंस जिन्हें बनाकर हमें पैसों को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं होगी, इस ब्लॉग के जरिए।

फाइनेंस को लेकर चिंतित तो अपनाएं यह टिप्स-

1.इमरजेंसी फंड

अक्सर देखा गया है कि लोग अपने लिए कोई इमरजेंसी फंड नहीं बनाते। ऐसे में जब कोई इमरजेंसी आती है तो उन्हें बाहरी लोगों से भारी दाम पर लोन लेना पड़ता है। ऐसे में इमरजेंसी फंड एक बहुत ही महत्वपूर्ण साधन बन जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हमें 6 महीनों के खर्चो को जोड़कर अपना एक इमरजेंसी फंड तैयार करना चाहिए ताकि यदि हमारे पास 6 महीनों तक पैसे ना हो तो भी हमें बाहर किसी से लोन लेने की आवश्यकता ना पड़े।

2. फाइनेंशियल लिक्विडिटी

फाइनेंशियल लिक्विडिटी (financial liquidity) का अर्थ है कि हम अपने असेट्स को कितनी जल्दी कैश में बदल सकते हैं।‌ असेट्स का अर्थ है वे चीजें जो हमारे उपयोग तथा जिसके ऊपर हमारा अधिकार है, इसके साथ-साथ ही असेट्स से हम पैसे भी कमा सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हमें तकरीबन 20% अपनी इनकम का फाइनेंशली लिक्विड रखना चाहिए ताकि किसी भी जरूरत के समय हम उसका प्रयोग कर सकें।

3. 50-30-20 रूल

इस टेक्निक में हमें अपने खर्चों को हमारी जरूरत (Needs), हमारी इच्छा (Wants) और हमारी लालसा (Desires) में बांटना चाहिए। हमें अपनी इनकम के 50% भाग को हमारी जरूरत की चीजों पर खर्च करना चाहिए जिसमें हमारे रेंट, हमारे खाने का खर्चा तथा हमारे इंपॉर्टेंट बिल्स आते हैं जिन्हें हम इग्नोर नहीं कर सकते। उसके बाद 30% भाग को हमें हमारी इच्छा की चीजें जैसे एंटरटेनमेंट और ईटिंग आउट में खर्च करना होता है। शेष 20% भाग को हमें सेव या किसी लालसा के लिए बचाना या इन्वेस्ट करना होता है।

4. इंश्योरेंस लें

हम अक्सर देखते हैं कि इंश्योरेंस उनको हमारे घर में एक फ्रॉड के नजरिए से देखा जाता है परंतु अब समय बदल रहा है। कोविड के समय पर हमने देखा की इंश्योरेंस से हमें कितने अनेक फायदे हो सकते हैं। यही नहीं आज के समय में इंश्योरेंस (Insurance) को एक इन्वेस्टमेंट के ऑप्शन की तरह भी देख रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि हम अपने लिए एक हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस अवश्य ले।

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